मुंबई, 3 दिसंबर, 2025 (कृषि भूमि डेस्क): ग्रामीण विकास और जलवायु-सहनशील कृषि (climate-resilient agriculture) के क्षेत्र में कार्यरत वॉटरशेड ऑर्गनाइज़ेशन ट्रस्ट (WOTR) अब आधुनिक तकनीक का उपयोग करके ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की एक नई गाथा लिख रहा है। वॉलमार्ट फाउंडेशन के समर्थन से चल रहे ProRISE प्रोजेक्ट के तहत, संगठन ने ग्रामीण महिलाओं को पेशेवर ड्रोन पायलट बनने का प्रशिक्षण दिया है। इस पहल से ये महिलाएँ कृषि तकनीक, फसलों की निगरानी (crop monitoring) और प्रेसिजन स्प्रेइंग (Precision Spraying) जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में विशेषज्ञता हासिल कर रही हैं।
महिलाओं को बनाया जा रहा टेक-सेवी
WOTR द्वारा प्रदान किए गए प्रशिक्षण में महिलाओं को न केवल ड्रोन उड़ाने का व्यावहारिक ज्ञान दिया गया, बल्कि उन्हें फसलों की स्थिति का सटीक आकलन करने और वैज्ञानिक ढंग से रसायनों का छिड़काव करने के तरीकों में भी निपुण बनाया गया है। सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने के बाद, इन महिलाओं को आधिकारिक प्रमाण पत्र भी दिए गए हैं, जो उन्हें पेशेवर रूप से इस क्षेत्र में काम करने की अनुमति देते हैं। इस मॉडल के तहत, किसान उत्पादक संगठन (FPOs) अपने समूह के लिए ड्रोन खरीदते हैं, और इन्हीं FPOs से जुड़ी महिलाएँ प्रशिक्षण लेकर उन ड्रोनों के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी संभालती हैं। यह दृष्टिकोण महिलाओं के लिए आय का एक नया और प्रतिष्ठित स्रोत सुनिश्चित करता है, साथ ही उन्हें स्थानीय किसानों को उन्नत कृषि पद्धतियों में सहायता करने का अवसर भी प्रदान करता है।
मिल रहे हैं तमाम लाभ
WOTR के अनुसार, इस ड्रोन तकनीक के प्रयोग से किसानों को कई स्पष्ट लाभ मिल रहे हैं। सबसे पहले, इसके इस्तेमाल से मजदूरी और समय की बड़ी बचत होती है। दूसरा, यह तकनीक रसायनों के उपयोग में कमी लाती है, जिससे पर्यावरण और लागत दोनों को फायदा होता है। तीसरा लाभ यह है कि यह कीट नियंत्रण में अधिक प्रभावशीलता सुनिश्चित करती है, और चौथा लाभ फसल की निगरानी में उच्च सटीकता प्रदान करती है। प्रारंभिक परिणामों से यह स्पष्ट हुआ है कि ड्रोन-आधारित प्रिसिजन एग्रीकल्चर मॉडल ने उत्पादन बढ़ाने और परिचालन लागत (operating cost) घटाने की दिशा में अत्यंत सकारात्मक प्रभाव दिखाया है।
यह अभिनव कार्यक्रम महाराष्ट्र के जलना और धाराशिव जिलों से शुरू हुआ था और अब तक यह तकनीक 2,100 किसानों तक सफलतापूर्वक पहुँच चुकी है। संगठन का अनुमान है कि अगले महीने तक इस पहल के लाभार्थियों की संख्या में लगभग 29 प्रतिशत की वृद्धि होने की उम्मीद है। WOTR ने यह भी स्पष्ट किया है कि उनका लक्ष्य इस सफल मॉडल को आने वाले समय में पहले पश्चिम भारत के अन्य क्षेत्रों में लागू करना है, और फिर धीरे-धीरे इसे पूरे देश में विस्तारित करना है।
आधुनिक तकनीक और कौशल बढ़ाना लक्ष्य
इस पहल पर टिप्पणी करते हुए, WOTR के डायरेक्टर संदीप जाधव ने कहा, “ProRISE प्रोजेक्ट के माध्यम से हमारा मुख्य लक्ष्य ग्रामीण महिलाओं को आधुनिक तकनीकों और आवश्यक कौशल से लैस करना है। ये प्रशिक्षित महिला ड्रोन पायलट न केवल नए रोज़गार के अवसर पा रही हैं, बल्कि वे सक्रिय रूप से स्थानीय किसानों को टिकाऊ (sustainable) और जलवायु-सहनशील कृषि अपनाने में भी महत्वपूर्ण मदद कर रही हैं।” इसी क्रम में, Walmart.org के सोशल एंड एनवायरनमेंटल इंपैक्ट एडवाइजर निशांत गुप्ता ने कहा, “हम दृढ़ता से मानते हैं कि नवाचार (innovation) और समावेशिता (inclusion) का मेल ही वास्तविक बदलाव ला सकता है। ग्रामीण महिलाओं को ड्रोन पायलट के रूप में प्रशिक्षित करना, अवसरों के विस्तार और सतत कृषि को बढ़ावा देने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है।”
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