भोपाल, 29 दिसंबर (कृषि भूमि ब्यूरो): किसानों को मिलने वाली सब्सिडी वाली यूरिया खाद की कालाबाज़ारी के खिलाफ प्रशासन ने सख़्त कदम उठाते हुए बड़वानी जिले के पाटी क्षेत्र में एक खाद डीलर पर एफआईआर दर्ज की है। मामला सामने आने के बाद जिले में हड़कंप मच गया है और अन्य खाद विक्रेताओं की भी जांच तेज कर दी गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजस्व विभाग और कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने पाटी स्थित कान्हा कृषि सेवा केंद्र का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान यह पाया गया कि जहां सरकार द्वारा यूरिया खाद की अधिकतम खुदरा कीमत 266.50 रुपये प्रति बैग निर्धारित है, वहीं डीलर इसे 550 रुपये प्रति बैग की दर से किसानों को बेच रहा था।
यह गंभीर अनियमितता तब उजागर हुई जब चकल्या गांव के किसान बुतसिंह ने शिकायत की कि उसे बिना अनिवार्य पॉइंट ऑफ सेल (POS) मशीन के माध्यम से यूरिया खाद बेची गई। नियमों के अनुसार, खाद की बिक्री केवल POS मशीन से ही की जानी अनिवार्य है ताकि स्टॉक, सब्सिडी और किसान का रिकॉर्ड पारदर्शी रहे।
निरीक्षण के दौरान मौके पर ही पंचनामा तैयार किया गया और संबंधित किसान का बयान दर्ज किया गया। इसके बाद डीलर के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम एवं उर्वरक नियंत्रण आदेश (FCO) के तहत मामला दर्ज किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि फर्म की आगे की जांच में विभिन्न कंपनियों के उर्वरकों का स्टॉक भी पाया गया है, जिसकी मात्रा, खरीद-बिक्री रजिस्टर और वितरण प्रक्रिया की विस्तृत जांच की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि किसानों की मजबूरी का फायदा उठाकर जानबूझकर ऊंचे दामों पर खाद बेची जा रही थी।
प्रशासन ने साफ कहा है कि रबी सीजन के दौरान किसानों को खाद की कमी या महंगे दामों पर बिक्री किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पाए जाने पर डीलर का लाइसेंस निलंबन, भारी जुर्माना और आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
इस कार्रवाई को जिले में खाद माफिया के खिलाफ चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है और किसानों से अपील की गई है कि वे तय कीमत से अधिक भुगतान न करें तथा किसी भी अनियमितता की तुरंत सूचना प्रशासन या कृषि विभाग को दें।
===
हमारे लेटेस्ट अपडेट्स और खास जानकारियों के लिए अभी जुड़ें — बस इस लिंक पर क्लिक करें:
https://whatsapp.com/channel/0029Vb0T9JQ29759LPXk1C45