नई दिल्ली, 15 जनवरी (कृषि भूमि ब्यूरो): अंतरराष्ट्रीय बाजार में पाम ऑयल की कीमतें 5 हफ्तों के उच्च स्तर पर पहुंच गई हैं। सप्लाई में कमी के चलते भाव 4100 रिंग्गित प्रति टन के पार निकल गया है। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत से बढ़ती मांग और सोयाबीन ऑयल में रिकवरी ने भी पाम ऑयल की कीमतों को मजबूती दी है।
भारत और चीन से मांग का सपोर्ट
दिसंबर में भारत का पाम ऑयल आयात पिछले 8 महीनों में सबसे निचले स्तर पर रहा था, लेकिन आने वाले महीनों में मांग बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। बाजार का मानना है कि भारत अगले 2–3 महीनों में 7–8 लाख टन पाम ऑयल की खरीद कर सकता है। इसके अलावा, चीन से भी मांग बढ़ने की संभावना है, क्योंकि 17 फरवरी 2026 को चीन में लूनर न्यू ईयर मनाया जाएगा, जिससे खाद्य तेलों की खपत बढ़ती है।
उत्पादन, निर्यात और कीमतों का ट्रेंड
जनवरी में पाम ऑयल का उत्पादन सालाना आधार पर 18 प्रतिशत रहा, जबकि निर्यात में 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि, पूरे 2025 के दौरान पाम ऑयल की कीमतों में करीब 6 प्रतिशत की गिरावट आई थी, लेकिन मौजूदा सप्लाई-साइड दबाव और मांग में सुधार से बाजार को सहारा मिल रहा है।
| प्रमुख संकेतक | स्थिति |
|---|---|
| अंतरराष्ट्रीय भाव | 4100 रिंग्गित के पार |
| जनवरी उत्पादन | 18% |
| जनवरी निर्यात | 8% बढ़ोतरी |
| 2025 में कीमतें | 6% गिरावट |
पाम के लिए भारत सबसे बड़ा बाजार
भारत पाम ऑयल का सबसे बड़ा उपभोक्ता और आयातक बना हुआ है। सभी खाद्य तेलों में पाम ऑयल सबसे सस्ता है। सोयाबीन ऑयल और पाम ऑयल के बीच करीब 100 डॉलर प्रति टन का अंतर बना हुआ है, जिससे पाम की मांग को समर्थन मिल रहा है। बाजार में पाम ऑयल का स्टॉक पर्याप्त है, जिससे 4000 रिंग्गित के पास मजबूत सपोर्ट देखा जा रहा है। हालांकि, 4150 रिंग्गित के ऊपर कीमतें जाने पर खरीदारी में सुस्ती आ जाती है।
मलेशिया में पाम ऑयल का स्टॉक लगभग 3 मिलियन टन बताया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, जैसे-जैसे सोयाबीन के दाम बढ़ेंगे, वैसे-वैसे पाम ऑयल को भी कीमतों में सपोर्ट मिलता रहेगा। इसके अलावा, अमेरिकी बायोफ्यूल प्रोग्राम का असर भी पाम ऑयल बाजार पर देखा जा रहा है।
इंडोनेशिया की बायोफ्यूल नीति का असर
इंडोनेशिया ने 2026 में भी B40 बायोडीजल नीति को जारी रखने का फैसला किया है, जबकि B50 को आगे के लिए टाल दिया गया है। इसे पाम ऑयल बाजार के लिए एक बड़ी खबर माना जा रहा है, क्योंकि इससे घरेलू खपत का दबाव सीमित रहेगा और निर्यात को सपोर्ट मिल सकता है।
ग्वार सीड की कीमतों में तेजी
कमोडिटी बाजार में ग्वार सीड की कीमतों में भी मजबूती देखने को मिली है। बुधवार को फ्यूचर ट्रेड में निवेशकों की बढ़ी हुई हिस्सेदारी के चलते ग्वार सीड के भाव 23 रुपये बढ़कर 5,533 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गए। नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज (NCDEX) पर फरवरी डिलीवरी वाले कॉन्ट्रैक्ट में 0.41 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई, जिसमें 61,665 लॉट का ओपन इंटरेस्ट रहा। बाजार जानकारों के अनुसार, स्पॉट मार्केट में कमजोरी के बावजूद फ्यूचर्स में सट्टेबाजी बढ़ने से कीमतों को सहारा मिला।
===
हमारे लेटेस्ट अपडेट्स और खास जानकारियों के लिए अभी जुड़ें — बस इस लिंक पर क्लिक करें:
https://whatsapp.com/channel/0029Vb0T9JQ29759LPXk1C45