नई दिल्ली, 30 जुलाई (कृषि भूमि डेस्क):
मंगलवार को एशिया में प्रारंभिक कारोबारी सत्र के दौरान सोने की कीमतों (Gold Rate) में स्थिरता देखी गई, क्योंकि वैश्विक व्यापार वार्ताओं में प्रगति की आशा ने निवेशकों की सुरक्षित इन्वेस्टमेंट में रुचि को सीमित कर दिया है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका (America) और चीन (China) सहित प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार समझौतों को लेकर सकारात्मक घटनाक्रम सामने आए हैं। इससे बाजार सहभागियों का भरोसा मजबूत हुआ है, और वे अब जोखिम वाली परिसंपत्तियों, जैसे शेयरों की ओर झुकाव दिखा रहे हैं। इसका सीधा असर सोने जैसे पारंपरिक सुरक्षित निवेश पर पड़ा है, जिसकी मांग संकट के समय बढ़ती है। लेकिन व्यापारिक स्थिरता की उम्मीद से सोने की मांग फिलहाल दबाव में है।
सुरक्षित निवेश की मांग में नरमी
हालांकि भू-राजनीतिक जोखिम पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं, लेकिन बाजारों की धारणा में बदलाव ने सोने को मिलने वाले समर्थन को सीमित किया है। निवेशक फिलहाल नई पोजीशन लेने से बच रहे हैं और आगे के संकेतों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
कीमतों की स्थिति
मंगलवार सुबह तक हाजिर सोना (spot gold) की कीमतें एशियाई बाजारों में लगभग $2,365 प्रति औंस के स्तर पर बनी रहीं, जो सोमवार के बंद स्तर के करीब है। वायदा सोने (futures) में भी हल्की हलचल रही, लेकिन कोई महत्वपूर्ण गिरावट या तेजी नहीं देखी गई।
भारत में भी मांग संतुलित
मुंबई और अहमदाबाद की जेम्स एंड ज्वेलरी मंडियों में भी सोने की मांग स्थिर बनी हुई है। स्थानीय जौहरियों का कहना है कि अभी खरीदार कीमतों में स्पष्ट दिशा की प्रतीक्षा कर रहे हैं। त्योहारी और विवाह सीज़न करीब आने के बावजूद खरीदारों की रणनीति फिलहाल ‘वेट एंड वॉच’ की बनी हुई है।
वैश्विक व्यापार में सकारात्मक रुख ने फिलहाल सोने की सुरक्षित निवेश मांग को थोड़ा कमज़ोर किया है, जिसके चलते कीमतें स्थिरता की स्थिति में हैं। आने वाले दिनों में यदि व्यापार वार्ताओं में ठोस प्रगति हुई या भू-राजनीतिक तनाव और घटा, तो सोने की कीमतों में और नरमी देखी जा सकती है। हालांकि, अस्थिर वैश्विक संकेतकों को देखते हुए सोने की कीमतों में अचानक परिवर्तन से इनकार नहीं किया जा सकता।
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