नई दिल्ली, 02 फरवरी (कृषि भूमि ब्यूरो): केंद्र सरकार ने बजट 2026-27 में स्वच्छ ऊर्जा और सस्ती बिजली को लेकर बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) के कुल बजट का 80 प्रतिशत से अधिक हिस्सा अब सीधे तौर पर आम लोगों और किसानों की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने वाली दो प्रमुख योजनाओं पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना और पीएम कुसुम योजना पर खर्च किया जाएगा।
सरकार का यह फैसला शहरी और ग्रामीण इलाकों में बिजली खर्च घटाने, किसानों को ऊर्जा में आत्मनिर्भर बनाने और देश के ग्रीन एनर्जी मिशन को तेज रफ्तार देने की दिशा में बेहद अहम माना जा रहा है।
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को 22,000 करोड़ रुपये
वित्त मंत्री ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के लिए 22,000 करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव रखा है। यह पिछले वर्ष के संशोधित अनुमान की तुलना में करीब 29 प्रतिशत अधिक है। सरकार का लक्ष्य देश के 1 करोड़ कम-आय वाले परिवारों की छतों पर सोलर पैनल लगाना है, जिससे उन्हें हर महीने मुफ्त बिजली का लाभ मिल सके।
| योजना | बजट 2026-27 | मुख्य लाभ |
|---|---|---|
| पीएम सूर्य घर | ₹22,000 करोड़ | 1 करोड़ घरों को मुफ्त बिजली |
| पीएम-कुसुम | ₹5,000 करोड़ | किसानों को सस्ते सोलर पंप |
| कुल MNRE बजट | ₹32,915 करोड़ | ग्रीन एनर्जी और रोजगार |
नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि यह योजना सीधे तौर पर आम नागरिकों और किसानों को सशक्त बनाएगी। वहीं, सोलर स्क्वायर की सीईओ श्रेया मिश्रा के अनुसार, अब आवासीय सौर ऊर्जा भारत के ऊर्जा विजन का केंद्र बनती जा रही है, जो देश की ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को मजबूत करेगी।
किसानों को बड़ी राहत: पीएम-कुसुम योजना के लिए 5,000 करोड़
किसानों की सिंचाई से जुड़ी बिजली समस्याओं को दूर करने के लिए पीएम-कुसुम योजना के बजट में रिकॉर्ड 92 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इस योजना को 5,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
इस फंड से गांवों में सोलर ऊर्जा का विस्तार होगा और किसानों को सस्ते सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि जहां बिजली की लाइनें बिछाना महंगा या मुश्किल है, वहां ये सौर समाधान खेती के लिए गेम-चेंजर साबित होंगे। सात्विक ग्रीन एनर्जी के सीईओ प्रशांत माथुर का मानना है कि इस बड़े सरकारी खर्च से सोलर सप्लाई चेन में व्यापक निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
भारत बन रहा है दुनिया का बड़ा रेसिडेंशियल सोलर मार्केट
फिलहाल भारत में सौर ऊर्जा की पहुंच सीमित है। जहां ऑस्ट्रेलिया के 40% और जर्मनी के 12% घरों में सोलर पैनल लगे हैं, वहीं भारत में यह आंकड़ा अभी 3% से भी कम है। हालांकि, बजट 2026 की घोषणाओं के बाद इसमें तेजी से बदलाव की उम्मीद है।
अब तक 30 लाख से अधिक घर सौर ऊर्जा से जुड़ चुके हैं और भारत दुनिया के सबसे बड़े आवासीय सोलर बाजारों में शामिल हो चुका है। इससे न केवल घरेलू बिजली मांग का दबाव कम होगा, बल्कि ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क पर भी भार घटेगा।
सोलर सेक्टर में निवेश और रोजगार को बढ़ावा
नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के लिए कुल 32,915 करोड़ रुपये के बजट आवंटन से उद्योग जगत में उत्साह का माहौल है। विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार द्वारा घोषित 12.21 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय से सौर ऊर्जा परियोजनाओं में बड़े पैमाने पर काम शुरू होगा।
इसका असर केवल मुफ्त बिजली तक सीमित नहीं रहेगा। शहरों में सोलर एक्सपीरियंस सेंटर, नई टेक्नोलॉजी आधारित स्टार्टअप्स और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को बढ़ावा मिलेगा, जिससे हजारों नए रोजगार अवसर भी पैदा होंगे।
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