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अब विदेशों में भी बिकेगा बिहार का शहद, नई हनी पॉलिसी से किसानों की आय बढ़ेगी: कृषि मंत्री

पटना, 16 जनवरी (कृषि भूमि ब्यूरो): बिहार सरकार के कृषि विभाग की पहल से राज्य में मधुमक्खी पालन और शहद उत्पादन ने नई ऊंचाइयों को छू लिया है। विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024-25 में बिहार में शहद का कुल उत्पादन 22,587.25 मीट्रिक टन तक पहुंच गया है। इसके साथ ही बिहार देश का चौथा सबसे बड़ा शहद उत्पादक राज्य बन गया है।

मधुमक्खियों की सक्रियता से न केवल शहद उत्पादन बढ़ा है, बल्कि अन्य फसलों के परागण में भी मदद मिली है, जिससे कृषि उत्पादकता में सुधार देखने को मिला है।

कृषि मंत्री ने की उपलब्धि की सराहना

कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने इस उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि बिहार सरकार जल्द ही एक नई और समग्र हनी पॉलिसी लेकर आएगी। इस नीति का उद्देश्य शहद उत्पादन से लेकर प्रसंस्करण, गुणवत्ता नियंत्रण, ब्रांडिंग और मार्केटिंग तक पूरी वैल्यू चेन को मजबूत करना है।

उन्होंने बताया कि नई नीति के जरिए बिहार के शहद को देश के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी पहचान दिलाई जाएगी, जिससे किसानों और मधुमक्खी पालकों को बेहतर दाम मिल सकेंगे।

नई हनी पॉलिसी से क्या होंगे फायदे

प्रस्तावित हनी पॉलिसी के तहत शहद की गुणवत्ता को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाया जाएगा। इसके साथ ही प्रोसेसिंग यूनिट, टेस्टिंग लैब, पैकेजिंग और ब्रांडिंग को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि “बिहार हनी” को एक मजबूत ब्रांड के रूप में स्थापित किया जाए।

अनुदानित मधुमक्खी बक्से और प्रशिक्षण का सहारा

राज्य सरकार ने वर्ष 2004-05 के बाद से मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहित करने के लिए कई योजनाएं लागू की हैं। राष्ट्रीय बागवानी मिशन और मुख्यमंत्री बागवानी मिशन के तहत हर साल 20 हजार से लेकर 1 लाख तक मधुमक्खी बक्से किसानों को अनुदानित दर पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

इसके साथ ही किसानों को आधुनिक मधुमक्खी पालन और शहद उत्पादन की तकनीकों का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। इससे किसानों का कौशल बढ़ा है और शहद की गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है।

किसानों के लिए आय और रोजगार का नया जरिया

इन प्रयासों का सीधा लाभ बिहार के किसानों को मिल रहा है। खासकर भूमिहीन और छोटे किसानों के लिए मधुमक्खी पालन आय और रोजगार का एक मजबूत विकल्प बनकर उभरा है। अब किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ शहद उत्पादन से भी अतिरिक्त आमदनी अर्जित कर रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि नई हनी पॉलिसी लागू होने के बाद शहद उत्पादन और निर्यात में और तेजी आएगी, जिससे बिहार के किसान आर्थिक रूप से और सशक्त होंगे तथा राज्य के कृषि क्षेत्र को एक नई पहचान मिलेगी।

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