गोरखपुर/लखनऊ (कृषि भूमि ब्यूरो): यूपी किसान राहत योजना 2026: उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए सोमवार को फसल नुकसान की भरपाई और सस्ता कृषि ऋण उपलब्ध कराने से जुड़ी दो महत्वपूर्ण पहल सामने आई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित 9,18,091 किसानों के लिए 483 करोड़ रुपये का कृषि निवेश अनुदान जारी करेंगे। यह राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत पात्र लघु और सीमांत किसानों को 11 प्रतिशत के बजाय 6 प्रतिशत सालाना ब्याज दर पर दीर्घकालीन कृषि ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी शुरू हो रही है। फसल क्षति अनुदान जारी करने का कार्यक्रम गोरखपुर के योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित होगा।
9.18 लाख किसानों को मिलेगा फसल नुकसान का अनुदान
राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में 1 अप्रैल से 9 अक्टूबर तक किए गए आकलन में प्रदेश के 9,18,091 किसानों की फसलें प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित पाई गई हैं। इनमें बाढ़, अत्यधिक बारिश, ओलावृष्टि और सितंबर के अंतिम सप्ताह में आए अर्नव चक्रवात से हुए नुकसान के मामले शामिल हैं।
प्रशासन की ओर से फसल क्षति का आकलन करने के बाद प्रभावित किसानों के लिए कृषि निवेश अनुदान जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। इस सहायता का उद्देश्य किसानों को नुकसान के बाद खेती से जुड़े खर्चों को संभालने और अगली फसल की तैयारी में मदद देना है।
सरकार ने कुल फसल क्षति सहायता के लिए लगभग 493 करोड़ रुपये की व्यवस्था का भी उल्लेख किया है। इसमें सोमवार को जारी की जाने वाली 483 करोड़ रुपये की राशि को कुल व्यवस्था से अलग समझना जरूरी है।
पहले ही 1.29 लाख किसानों को मिल चुकी है सहायता
राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार, जिलों को कृषि निवेश अनुदान के लिए पहले ही 169 करोड़ रुपये अग्रिम रूप से जारी किए जा चुके हैं। इनमें से 1,29,326 किसानों को 78.75 करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है।
इसके अतिरिक्त, विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं में जनहानि, पशुहानि और मकानों को नुकसान पहुंचने के मामलों में प्रभावित परिवारों को 225.93 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता वितरित की गई है।
यह राशि फसल क्षति अनुदान से अलग है। इसका उद्देश्य प्राकृतिक आपदा के कारण जान-माल का नुकसान झेलने वाले परिवारों को राहत प्रदान करना है।
यूपी किसान राहत योजना 2026 के तहत कृषि ऋण
फसल नुकसान के लिए अनुदान के साथ राज्य सरकार कृषि ऋण की लागत कम करने की दिशा में भी कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत पात्र लघु और सीमांत किसानों को उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक (LDB) के माध्यम से 6 लाख रुपये तक का दीर्घकालीन कृषि ऋण 6 प्रतिशत सालाना ब्याज दर पर मिल सकेगा।
पहले इस ऋण पर 11 प्रतिशत ब्याज दर लागू थी। नई व्यवस्था में ब्याज का अंतर सरकार की ओर से बैंक को अनुदान देकर पूरा किया जाएगा। सोमवार को इस उद्देश्य के लिए 38 करोड़ रुपये जारी करने का आदेश दिए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
किसान प्रदेश में एलडीबी की 323 शाखाओं के माध्यम से योजना का लाभ लेने के लिए संपर्क कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने 23 सितंबर 2026 को इस योजना का शुभारंभ किया था। पात्रता, आवेदन और ऋण की शर्तों की जानकारी मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के पोर्टल पर देखी जा सकती है।
किसानों को क्या करना चाहिए?
फसल नुकसान का अनुदान उन्हीं किसानों को मिलेगा जिनकी क्षति का सरकारी आकलन हुआ है और जो निर्धारित पात्रता पूरी करते हैं। ऐसे किसान अपने बैंक खाते, आधार से संबंधित बैंक रिकॉर्ड और स्थानीय राजस्व या कृषि विभाग के रिकॉर्ड की स्थिति जांच सकते हैं।
वहीं, रियायती कृषि ऋण एक अलग सुविधा है। इसके तहत स्वीकृत ऋण को निर्धारित शर्तों के अनुसार चुकाना होगा। आवेदन से पहले ब्याज अनुदान, ऋण की अवधि, पात्रता और जरूरी दस्तावेजों की पुष्टि संबंधित बैंक से करना उचित रहेगा।
राहत का वास्तविक असर भुगतान और ऋण उपलब्धता पर निर्भर
फसल क्षति अनुदान से प्रभावित किसानों को खेती दोबारा शुरू करने में मदद मिल सकती है, जबकि कम ब्याज वाला ऋण कृषि निवेश की लागत कम करने में सहायक हो सकता है। हालांकि, इन योजनाओं का वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि सहायता पात्र किसानों तक कितनी तेजी से पहुंचती है और ऋण की सुविधा कितनी आसानी से उपलब्ध होती है।
किसानों के लिए फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अनुदान जारी करने की घोषणा, बैंक खाते में वास्तविक भुगतान और ऋण स्वीकृति तीन अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। इसलिए लाभार्थियों को संबंधित विभाग या बैंक से अपने आवेदन और भुगतान की स्थिति की पुष्टि करनी चाहिए।
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