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हिमाचल: किसानों के बच्चों के भविष्य को संवार रही पाइन ग्रीन एग्रो FPC

धर्मशाला (कृषि भूमि ब्यूरो): राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के पावन अवसर पर जनजातीय क्षेत्र भरमौर में कृषि और ग्रामीण विकास को लेकर शुरू की गई अनूठी पहल अब धरातल पर तेजी से आकार ले रही है। पाइन ग्रीन एग्रो फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (FPC) के चेयरमैन मेद सिंह द्वारा किसानों और उनके परिवारों के उज्ज्वल भविष्य को लेकर लिए गए बड़े संकल्प के बाद से क्षेत्र में लगातार सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के सादगी, आत्मनिर्भरता और राष्ट्र निर्माण के विचारों से प्रेरणा लेते हुए कंपनी ने खेती-किसानी के साथ-साथ किसानों के बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा से जोड़ने का जो बीड़ा उठाया था, उसके तहत प्रक्रियाएं सुचारू रूप से चल रही हैं।

किसानों की समृद्धि के साथ अगली पीढ़ी का उत्थान

पाइन ग्रीन एग्रो FPC के चेयरमैन मेद सिंह ने इस बात पर जोर दिया है कि कंपनी से जुड़े किसानों के बच्चों को आधुनिक समय की मांग के अनुरूप तैयार किया जाना बेहद जरूरी है। इसके तहत बच्चों को आईटी (IT), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), फाइनेंस (Finance) और कॉमर्स (Commerce) जैसे भविष्य के उभरते हुए क्षेत्रों में शिक्षा व कौशल विकास के बेहतरीन अवसर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।
इस विजन को आगे बढ़ाते हुए किसानों के बच्चों को उनकी सहयोगी संस्था ‘HIMTECH Learn and Earn Skill Development Company’ के माध्यम से संचालित विशेष पाठ्यक्रमों से जोड़ा जा रहा है। इन आधुनिक और तकनीकी क्षेत्रों में बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए निःशुल्क कोचिंग (Free Coaching) की व्यवस्था पर भी विशेष बल दिया जा रहा है, ताकि आर्थिक तंगी किसी भी प्रतिभावान छात्र के आड़े न आए।

प्रवेश प्रक्रिया और संपर्क के ठिकाने

गांधी-शास्त्री जयंती के अवसर पर घोषित इस विशेष शिक्षा और कौशल विकास कार्यक्रम के तहत छात्रों के लिए प्रवेश और मार्गदर्शन प्रक्रिया जारी है। जो छात्र या अभिभावक इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, वे निम्नलिखित आधिकारिक ठिकानों पर संपर्क कर सकते हैं:
  • भरमौर संपर्क स्थल: सावनपुर स्थित पाइन ग्रीन एग्रो FPC कार्यालय।
  • मुख्य कार्यालय: शाहपुर स्थित दोनों कंपनियों का हेड ऑफिस।

Med Singh Pine Green Agro FPC“खेत के साथ बच्चे का भविष्य भी हो मजबूत”

मेद सिंह का यह स्पष्ट मानना है कि भरमौर जैसे दुर्गम और जनजातीय क्षेत्र में पाइन ग्रीन FPC का दायरा केवल किसानों को एक मंच पर लाने या कृषि उत्पादों के विपणन तक सीमित नहीं रहना चाहिए। कंपनी का दीर्घकालिक उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, बेहतर पैदावार और बाजार की समझ के साथ आर्थिक रूप से सशक्त बनाना तो है ही, साथ ही उनके परिवारों की अगली पीढ़ी को भी नए दौर की डिजिटल और तकनीकी शिक्षा के जरिए रोजगार के योग्य बनाना है।
इस मुहिम के संदर्भ में मेद सिंह ने दोहराया है, “किसान की समृद्धि तभी पूरी मानी जाएगी, जब उसके खेत की उपजाऊ मिट्टी के साथ-साथ उसके बच्चे का भविष्य भी मजबूत और सुरक्षित हो।”

जनजातीय क्षेत्र के युवाओं के लिए नया संबल

विशेषज्ञों का मानना है कि भरमौर जैसे जनजातीय और पहाड़ी क्षेत्र में यह कदम एक क्रांतिकारी बदलाव साबित हो रहा है। सुदूर इलाकों के युवाओं के लिए अत्याधुनिक तकनीकी शिक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों तक पहुंच बनाना अमूमन कठिन होता है। ऐसे में पाइन ग्रीन एग्रो FPC और हिमटेक की यह संयुक्त पहल ग्रामीण और किसान परिवारों के बच्चों के लिए स्थानीय स्तर पर करियर के नए द्वार खोल रही है और उन्हें आत्मनिर्भर भारत के सपने से जोड़ रही है।
रिपोर्ट: बिचित्र शर्मा

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