नई दिल्ली (कृषि भूमि ब्यूरो): भारत में ट्रैक्टर बिक्री 2026: भारतीय कृषि क्षेत्र और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से एक बेहद सकारात्मक और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। देश के कई हिस्सों में कमजोर मॉनसून की शुरुआत और अल नीनो के प्रभाव की गंभीर आशंकाओं के बावजूद, घरेलू बाजार में ट्रैक्टरों की मांग में जबरदस्त मजबूती देखी जा रही है। ट्रैक्टर एंड मैकेनाइजेशन एसोसिएशन (TMA) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में ट्रैक्टरों की बिक्री ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
पहली तिमाही और जून महीने के शानदार आंकड़े
टीएमए (TMA) की रिपोर्ट के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में देश के भीतर घरेलू ट्रैक्टरों की कुल बिक्री सालाना आधार पर 19 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी के साथ 3,39,291 इकाई तक पहुंच गई है। पिछले वर्ष की इसी अवधि के मुकाबले यह वृद्धि दर्शाती है कि भारतीय किसानों का भरोसा आधुनिक कृषि उपकरणों पर लगातार बढ़ रहा है।
केवल जून 2026 के महीने की बात करें, तो इस दौरान घरेलू ट्रैक्टर की बिक्री में 12 प्रतिशत का उछाल आया और यह 1,26,041 इकाई रही। न केवल घरेलू बाजार, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारतीय ट्रैक्टरों का डंका बज रहा है। अप्रैल-जून 2026 की तिमाही के दौरान भारत से ट्रैक्टरों का निर्यात 18 प्रतिशत बढ़कर 29,778 इकाई पर पहुंच गया, जो वैश्विक बाजार में भारतीय विनिर्माण की बढ़ती साख को दर्शाता है।
पहली तिमाही (अप्रैल-जून) 2026 बिक्री का पूरा लेखा-जोखा
| श्रेणी / कंपनी | जून 2026 बिक्री (इकाई) | मासिक वृद्धि (YoY) | पहली तिमाही बिक्री (अप्रैल-जून) | तिमाही वृद्धि (YoY) |
| कुल घरेलू बिक्री | 1,26,041 | 12% | 3,39,291 | 19% |
| कुल ट्रैक्टर निर्यात | — | — | 29,778 | 18% |
| महिंद्रा एंड महिंद्रा | 58,177 | 12% | — | — |
| एस्कॉर्ट्स कुबोटा | 13,695 | 19.1% | — | — |
चुनौतियों के बीच ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती
ऑटोमोटिव और कृषि विशेषज्ञों के लिए यह प्रदर्शन इसलिए भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि जून के महीने में देश के कई हिस्सों में मॉनसून सामान्य से काफी कमजोर दर्ज किया गया था। इसके साथ ही अल नीनो के संभावित असर को लेकर भी लगातार चिंताएं बनी हुई थीं। आमतौर पर मॉनसून की अनिश्चितता का सीधा असर ग्रामीण मांग और ट्रैक्टर जैसे बड़े कृषि निवेशों पर पड़ता है।
इसके बावजूद, ट्रैक्टरों की मांग में आई यह तेजी साफ तौर पर इस बात का संकेत है कि देश में कृषि यंत्रीकरण (Agricultural Mechanization) की रफ्तार थमी नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में नकदी का प्रवाह बेहतर है और किसान भविष्य की फसलों को लेकर आशान्वित हैं।
खरीफ सीजन और जुलाई की बारिश पर टिकी निगाहें
हालांकि, बाजार के जानकारों का मानना है कि चालू वित्त वर्ष की आगामी तिमाहियों और विशेष रूप से खरीफ सीजन का आगे का प्रदर्शन पूरी तरह से मॉनसून की अगली प्रगति पर निर्भर करेगा। जून में बारिश की सुस्ती के कारण कई प्रमुख राज्यों में खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हुई थी और इसमें देरी देखी गई थी।
राहत की बात यह है कि जुलाई के पहले सप्ताह में देश के कई हिस्सों में अच्छी और व्यापक बारिश हुई है, जिससे उत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों में बुवाई ने दोबारा गति पकड़ ली है। यदि आने वाले हफ्तों में भी वर्षा का यह सिलसिला सामान्य बना रहता है, तो ग्रामीण मांग और किसानों की क्रय शक्ति को और अधिक मजबूती मिलेगी, जिससे आगामी त्योहारी सीजन में ट्रैक्टरों की बिक्री में नया उछाल देखने को मिल सकता है।

प्रमुख ट्रैक्टर निर्माता कंपनियों का प्रदर्शन
देश की सबसे बड़ी ट्रैक्टर और कृषि उपकरण निर्माता कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) ने जून 2026 में घरेलू बाजार में अपना दबदबा बरकरार रखते हुए 58,177 ट्रैक्टरों की बिक्री की। यह आंकड़ा पिछले वर्ष के इसी महीने की तुलना में 12 प्रतिशत अधिक है। कंपनी के प्रबंधन का कहना है कि जून के दौरान थोक (Wholesale) और खुदरा (Retail) दोनों ही स्तरों पर मांग काफी मजबूत रही। साथ ही, जुलाई में अच्छी बारिश की उम्मीद ने भी डीलर्स और किसानों के सेंटिमेंट को बूस्ट किया।
दूसरी तरफ, एस्कॉर्ट्स कुबोटा (Escorts Kubota) ने भी जून के महीने में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी की कुल ट्रैक्टर बिक्री जून 2026 में 19.1 प्रतिशत की जोरदार बढ़त के साथ 13,695 इकाई रही। कंपनी ने अपने बयान में कहा कि खरीफ की बुवाई में शुरुआती देरी के बावजूद जमीनी स्तर पर कमर्शियल और एग्रीकल्चर दोनों ही सेगमेंट में ट्रैक्टरों की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है, जो आने वाले समय के लिए एक बेहतरीन संकेत है।
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