नई दिल्ली (कृषि भूमि ब्यूरो): FSSAI: खाद्य उत्पादों के लेबल और विज्ञापनों में किए जाने वाले दावों पर सख्ती बढ़ाते हुए भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने हेरिटेज फूड्स लिमिटेड, Dia Foods और Cipzer को नोटिस जारी किए हैं। यह कार्रवाई पनीर, वेगन हेजलनट चॉकलेट स्प्रेड और न्यूट्रास्यूटिकल जूस कैप्सूल से जुड़े कथित भ्रामक दावों और लेबलिंग संबंधी उल्लंघनों को लेकर की गई है। कंपनियों को लागू नियमों का पालन करने, सुधारात्मक कदम उठाने और सात दिनों के भीतर यह बताने को कहा गया है कि उनके खिलाफ खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 तथा संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए।
हेरिटेज फ्रेश पनीर के ‘Fresh’ दावे पर आपत्ति
FSSAI ने हेरिटेज फूड्स लिमिटेड के उत्पाद ‘Heritage Fresh Paneer’ की पैकेजिंग पर किए गए दावों को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है। नियामक के अनुसार, उत्पाद के नाम में इस्तेमाल किया गया ‘Fresh Paneer’ दावा ‘Fresh’ शब्द के उपयोग के लिए निर्धारित शर्तों के अनुरूप नहीं पाया गया और इससे उपभोक्ताओं के भ्रमित होने की आशंका हो सकती है।
इसके अलावा कंपनी के ट्रेडमार्क या नाम ‘Healthy Happiness’ में ‘Healthy’ शब्द के इस्तेमाल पर भी आपत्ति जताई गई है। नियामक का मानना है कि इस तरह का शब्द उपभोक्ताओं के बीच यह धारणा पैदा कर सकता है कि संबंधित उत्पाद स्वाभाविक रूप से स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है या उसमें विशेष स्वास्थ्य लाभ हैं।
FSSAI के Advertising and Claims Regulations के तहत खाद्य उत्पादों से जुड़े दावे सत्य, स्पष्ट और उपभोक्ताओं को भ्रमित न करने वाले होने चाहिए। विज्ञापन में किए गए दावे भी उत्पाद के लेबल पर उपलब्ध जानकारी के अनुरूप होने चाहिए।
Dia Foods के ‘All Natural’ और ‘100% Organic’ दावों पर सवाल
Dia Foods के ‘La Casa Vegan Hazelnut Chocolate Spread’ पर किए गए ‘All Natural’, ‘100% Organic’ और ‘Vegan’ जैसे दावों को भी नियामकीय जांच के दायरे में लाया गया है।
रिपोर्टों के अनुसार, FSSAI का कहना है कि ‘All Natural’ दावा ‘Natural’ शब्द के उपयोग के लिए निर्धारित शर्तों के अनुरूप नहीं है। इसके अलावा ‘100% Organic’ और ‘Vegan’ जैसे दावों के इस्तेमाल को लेकर भी अनुपालन संबंधी सवाल उठाए गए हैं।
FSSAI इससे पहले भी खाद्य लेबलिंग और प्रचार सामग्री में ‘100%’ शब्द के इस्तेमाल पर चिंता जता चुका है। नियामक की आधिकारिक एडवाइजरी के मुताबिक, यह शब्द मौजूदा खाद्य नियमों में परिभाषित नहीं है और कुछ परिस्थितियों में उपभोक्ताओं के बीच पूर्ण शुद्धता या श्रेष्ठता की भ्रामक धारणा पैदा कर सकता है।
Cipzer के ‘FSSAI Approved’ और इम्युनिटी दावों की जांच
Cipzer के न्यूट्रास्यूटिकल जूस कैप्सूल के लेबल और प्रचार सामग्री में किए गए कई दावों पर भी सवाल उठाए गए हैं। इनमें ‘FSSAI Approved’, ‘Boost Your Immune System’, ‘Remove Toxins From Your Body’ और ‘Made With Organic Vegetables’ जैसे दावे शामिल बताए गए हैं।
नियामक के अनुसार, किसी उत्पाद पर ‘FSSAI Approved’ लिखने से उपभोक्ताओं में यह गलत धारणा पैदा हो सकती है कि खाद्य प्राधिकरण ने उस विशेष उत्पाद को मंजूरी दी है या उसका समर्थन किया है। स्वास्थ्य संबंधी दावों के लिए पर्याप्त वैज्ञानिक आधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया है।
इसके अलावा उत्पाद की पैकेजिंग के सामने टमाटर, खीरा, ब्रोकली, पत्तागोभी और धनिया जैसी सब्जियों के चित्र दिखाए जाने, जबकि संबंधित सामग्री को उत्पाद की सामग्री सूची में घोषित नहीं किए जाने, पर भी सवाल उठाए गए हैं।

भ्रामक फूड क्लेम्स के खिलाफ बढ़ रही सख्ती
तीनों कंपनियों को जारी नोटिस खाद्य उत्पादों के लेबल, पैकेजिंग और विज्ञापनों में किए जाने वाले दावों पर बढ़ती नियामकीय निगरानी का संकेत देते हैं। FSSAI पहले भी स्पष्ट कर चुका है कि खाद्य कारोबार संचालकों द्वारा किए गए दावे सत्य, स्पष्ट, अर्थपूर्ण और गैर-भ्रामक होने चाहिए।
नियामक ने उपभोक्ताओं के लिए पैकेज्ड खाद्य उत्पादों पर दिखाई देने वाले कथित झूठे या भ्रामक दावों की शिकायत करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई है। शिकायत में पैक के सामने की तस्वीर, निर्माता का FSSAI लाइसेंस या पंजीकरण नंबर और ऑनलाइन बिक्री की स्थिति में ई-कॉमर्स विवरण जैसे प्रमाण दिए जा सकते हैं।
फिलहाल नोटिस जारी होना आरोपों पर अंतिम निर्णय नहीं है। कंपनियों को अपना पक्ष रखने के लिए सात दिनों का समय दिया गया है, जिसके बाद जवाब और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की नियामकीय कार्रवाई पर फैसला किया जा सकता है।
=====
इन ख़बरों को भी पढ़ें…
कमजोर मानसून से खरीफ बुवाई को झटका, रकबा 21% घटा; तिलहन और कपास में बड़ी गिरावट
प्याज बफर स्टॉक खरीद को रफ्तार देने के लिए केंद्र ने बढ़ाई खरीद कीमत
किसानों से महंगा धान, इथेनॉल कंपनियों को सस्ता चावल! सरकार की OMSS नीति पर बड़े सवाल
प्याज किसानों को राहत; केंद्र ने बढ़ाया न्यूनतम खरीद मूल्य, 16.50 रुपये किलो पर होगी खरीद