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FAO Food Price Index: ऊर्जा लागत और होर्मुज संकट से बढ़ीं वैश्विक खाद्य कीमतें, लगातार तीसरे महीने उछला FAO फूड इंडेक्स

नई दिल्ली (कृषि भूमि ब्यूरो): FAO Food Price Index – संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन Food and Agriculture Organization (FAO) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक खाद्य वस्तुओं की कीमतों में अप्रैल 2026 के दौरान लगातार तीसरे महीने बढ़ोतरी दर्ज की गई। बढ़ती ऊर्जा लागत, अमेरिका-ईरान तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में सप्लाई बाधाओं ने वैश्विक खाद्य बाजारों पर दबाव बढ़ा दिया है।

FAO Food Price Index अप्रैल में बढ़कर औसतन 130.7 अंक पर पहुंच गया। यह मार्च के संशोधित स्तर से 1.6 प्रतिशत अधिक और पिछले वर्ष की तुलना में 2 प्रतिशत ऊंचा रहा। संगठन के मुताबिक परिवहन लागत, उर्वरकों की कीमतों और ऊर्जा खर्च में तेजी ने कृषि उत्पादों की लागत को प्रभावित किया है।

होर्मुज संकट का खाद्य बाजार पर असर

विशेषज्ञों के अनुसार होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अहम मार्ग है। यहां बढ़ते तनाव और आपूर्ति में व्यवधान ने कच्चे तेल की कीमतों को ऊपर पहुंचा दिया है। इसका असर सीधे कृषि लागत पर पड़ा है क्योंकि उर्वरक, परिवहन और सिंचाई जैसे क्षेत्रों में ऊर्जा की बड़ी भूमिका होती है।

FAO Food Price IndexFAO के मुख्य अर्थशास्त्री Máximo Torero ने कहा कि वैश्विक कृषि-खाद्य प्रणाली ने अब तक मजबूती दिखाई है, लेकिन ऊर्जा संकट के कारण बाजारों में अनिश्चितता बनी हुई है। उन्होंने बताया कि पर्याप्त भंडार और पिछले सीजन के स्टॉक के कारण अनाज की कीमतों में सीमित बढ़ोतरी हुई है, जबकि वनस्पति तेल बाजार में अधिक तेजी देखी जा रही है।

अनाज बाजार में बढ़ी चिंता

FAO अनाज मूल्य सूचकांक मार्च की तुलना में 0.8 प्रतिशत बढ़ा। अमेरिका में सूखे की आशंका और ऑस्ट्रेलिया में कम बारिश की संभावना के कारण गेहूं की कीमतों में तेजी दर्ज की गई।

संगठन ने चेतावनी दी कि उर्वरकों की बढ़ती कीमतों के कारण किसान कम उर्वरक-आधारित फसलों की ओर रुख कर सकते हैं। इससे 2026 में गेहूं की बुवाई प्रभावित होने की आशंका है।

वैश्विक स्तर पर मक्का की कीमतों में भी 0.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इसकी वजह ब्राजील और अमेरिका में मौसम संबंधी चिंताएं तथा एथेनॉल की बढ़ती मांग रही। दूसरी ओर ज्वार की कीमतों में 4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, क्योंकि वैश्विक बाजार में मांग कमजोर रही।

चावल और वनस्पति तेल में तेज उछाल

FAO Food Price Index: अप्रैल के दौरान चावल की कीमतों में भी मजबूती देखने को मिली। FAO ऑल राइस प्राइस इंडेक्स में 1.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इंडिका और सुगंधित चावल की किस्मों में बढ़ी कीमतों ने इस तेजी को समर्थन दिया।

हालांकि सबसे बड़ी बढ़ोतरी वनस्पति तेलों में दर्ज की गई। FAO वेजिटेबल ऑयल प्राइस इंडेक्स मार्च के मुकाबले 5.9 प्रतिशत बढ़कर जुलाई 2022 के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।

खाद्य श्रेणीअप्रैल में बदलाव
वनस्पति तेल+5.9%
अनाज+0.8%
चावल+1.9%
मक्का+0.7%
चीनी-4.7%
डेयरी-1.1%

पाम ऑयल की कीमतों में लगातार पांचवें महीने तेजी रही। दक्षिण-पूर्व एशिया में संभावित कम उत्पादन, बायोफ्यूल की बढ़ती मांग और सरकारी नीतिगत प्रोत्साहनों ने बाजार को मजबूती दी।

FAO Food Price Index: डेयरी और चीनी में राहत

जहां कई खाद्य श्रेणियों में तेजी रही, वहीं डेयरी और चीनी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। यूरोपीय संघ में दूध की पर्याप्त आपूर्ति और ओशिनिया क्षेत्र में बेहतर उत्पादन के कारण डेयरी कीमतों में 1.1 प्रतिशत की कमी आई।

चीनी की कीमतों में मार्च की तुलना में 4.7 प्रतिशत गिरावट रही और यह पिछले साल के मुकाबले 21.2 प्रतिशत नीचे पहुंच गई। इसका कारण चीन, थाईलैंड और ब्राजील में बेहतर उत्पादन संभावनाएं रहीं।

उत्पादन अनुमान बढ़ा, लेकिन अनिश्चितता कायम

FAO ने 2025 के वैश्विक अनाज उत्पादन अनुमान को बढ़ाकर 304 करोड़ टन कर दिया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 6 प्रतिशत अधिक है। हालांकि 2026 के लिए वैश्विक गेहूं उत्पादन का अनुमान थोड़ा घटाकर 81.7 करोड़ टन किया गया है।

संगठन का कहना है कि ऊर्जा और उर्वरक लागत में लगातार बढ़ोतरी के कारण आने वाले महीनों में कृषि उत्पादन और खाद्य कीमतों पर दबाव बना रह सकता है। ऐसे में वैश्विक खाद्य बाजार फिलहाल स्थिर जरूर दिख रहा है, लेकिन अनिश्चितताएं अभी खत्म नहीं हुई हैं।

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