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होर्मुज तनाव के बीच LPG आपूर्ति बढ़ाने की सरकार की बड़ी पहल

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LPG

नई दिल्ली, 06 अप्रैल (कृषि भूमि ब्यूरो): LPG आपूर्ति – वैश्विक स्तर पर होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच भारत सरकार ने घरेलू गैस आपूर्ति (LPG आपूर्ति) को स्थिर बनाए रखने के लिए अहम कदम उठाए हैं। रसोई गैस की बढ़ती मांग को देखते हुए सरकार ने पांच किलोग्राम वाले छोटे एलपीजी सिलेंडरों की बिक्री में तेजी लाई है, जिससे आम उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।

पेट्रोलियम मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 23 मार्च 2026 से अब तक लगभग 6.6 लाख छोटे एलपीजी सिलेंडर (एफटीएल) बेचे जा चुके हैं। केवल 4 अप्रैल को ही 90,000 से अधिक सिलेंडरों की बिक्री दर्ज की गई, जो मांग में अचानक आई तेजी को दर्शाता है।

छोटे सिलेंडरों से बढ़ाई जा रही पहुंच

सरकार की रणनीति के तहत छोटे LPG सिलेंडरों को प्राथमिकता दी जा रही है क्योंकि ये बाजार मूल्य पर उपलब्ध होते हैं और इन्हें खरीदने के लिए पते के प्रमाण की आवश्यकता नहीं होती। इससे शहरी गरीब, प्रवासी मजदूर और अस्थायी निवासियों को बड़ी सुविधा मिल रही है।

इसके विपरीत, 14.2 किलोग्राम के सब्सिडी वाले घरेलू सिलेंडर एक नियामित प्रणाली के तहत वितरित किए जाते हैं। ऐसे में छोटे सिलेंडर मांग के दबाव को कम करने में एक महत्वपूर्ण विकल्प बनकर उभरे हैं।

आपूर्ति की स्थिति: आंकड़ों में समझें

LPG एलपीजी आपूर्तिदेश में LPG आपूर्ति की वर्तमान स्थिति:

श्रेणीस्थिति
छोटे सिलेंडर बिक्री (23 मार्च से)6.6 लाख
4 अप्रैल की बिक्री90,000+
दैनिक घरेलू सिलेंडर आपूर्ति51 लाख+
ऑनलाइन बुकिंग से आपूर्ति~95%
वाणिज्यिक एलपीजी आपूर्ति70% तक सीमित

सरकार ने स्पष्ट किया है कि LPG वितरकों के पास किसी भी प्रकार की कमी की कोई रिपोर्ट नहीं है और देशभर में आपूर्ति सामान्य बनी हुई है।

कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई

बढ़ती मांग के साथ जमाखोरी और कालाबाजारी की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई शुरू की है। मार्च से अब तक 50,000 से अधिक LPG सिलेंडर जब्त किए जा चुके हैं। इसके अलावा, 1,400 से ज्यादा कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं और 36 डीलरशिप को निलंबित किया गया है।

यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है कि आम उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर गैस उपलब्ध हो और बाजार में कृत्रिम कमी न पैदा हो।

वाणिज्यिक आपूर्ति में कटौती, घरेलू प्राथमिकता

सरकार ने वाणिज्यिक LPG एलपीजी आपूर्ति को संकट से पहले के स्तर के 70 प्रतिशत तक सीमित कर दिया है। इसका उद्देश्य घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पर्याप्त गैस उपलब्ध कराना है।

साथ ही, प्राकृतिक गैस की आपूर्ति भी संतुलित तरीके से की जा रही है। घरेलू उपयोग और परिवहन क्षेत्र के लिए आपूर्ति सामान्य है, जबकि उर्वरक संयंत्रों के लिए आपूर्ति को 6 अप्रैल से औसत खपत के लगभग 90 प्रतिशत तक बढ़ाया जाएगा।

रिफाइनरियां पूरी क्षमता पर

पेट्रोलियम मंत्रालय ने यह भी बताया कि देश की सभी रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं। पेट्रोल पंपों पर ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता है और आपूर्ति श्रृंखला पर कोई बड़ा दबाव नहीं है।

सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे घबराकर खरीदारी न करें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक स्थिति और बिगड़ती है, तो ऐसे प्रबंधन उपाय भविष्य में और महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

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