नई दिल्ली, 02 अप्रैल (कृषि भूमि ब्यूरो): नई दिल्ली से जारी ताज़ा आंकड़ों में नेशनल शुगर फेडरेशन (NFCSF) ने संकेत दिया है कि देश में 2025-26 का पेराई सीजन अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इसके बावजूद इस साल चीनी उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़त दर्ज की गई है।
31 मार्च 2026 तक देश में कुल चीनी उत्पादन 271.20 लाख मीट्रिक टन (LMT) तक पहुंच गया है, जो पिछले साल इसी अवधि के 248.65 LMT की तुलना में करीब 9 प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि मुख्य रूप से गन्ने की अधिक उपलब्धता और मिलों की बेहतर दक्षता का परिणाम मानी जा रही है।
मिलों की संख्या और संचालन में बदलाव
इस सीजन में कुल 540 चीनी मिलों ने संचालन किया, जो पिछले वर्ष की 533 मिलों से अधिक है। हालांकि सीजन के अंत की ओर अब केवल 74 मिलें ही सक्रिय रह गई हैं, जबकि पिछले वर्ष इसी समय 113 मिलें कार्यरत थीं।
यह संकेत देता है कि अधिकांश राज्यों में पेराई कार्य लगभग समाप्ति की ओर है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में अभी भी गन्ना उपलब्ध है, जिसके चलते सीमित स्तर पर उत्पादन जारी है।

प्रमुख राज्यों का प्रदर्शन
महाराष्ट्र बना अग्रणी राज्य
महाराष्ट्र ने इस वर्ष चीनी उत्पादन में अपनी अग्रणी स्थिति बनाए रखी है। राज्य में उत्पादन बढ़कर 98.95 LMT तक पहुंच गया, जो पिछले साल 80.10 LMT था। गन्ने की पेराई में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज हुई है।
हालांकि रिकवरी दर 9.50% पर स्थिर बनी रही, लेकिन उत्पादन में वृद्धि राज्य की बेहतर क्षमता को दर्शाती है।
उत्तर प्रदेश में स्थिर उत्पादन, बेहतर रिकवरी
उत्तर प्रदेश, जो देश का सबसे बड़ा चीनी उत्पादक राज्य है, में उत्पादन लगभग स्थिर रहा। इस वर्ष उत्पादन 87.45 LMT रहा, जो पिछले वर्ष 87.70 LMT था।
हालांकि यहां की सबसे बड़ी उपलब्धि रिकवरी दर में सुधार है, जो 9.70% से बढ़कर 10.20% हो गई है। यह तकनीकी सुधार और बेहतर प्रबंधन का संकेत है।
कर्नाटक में मजबूत वृद्धि
कर्नाटक में इस सीजन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। उत्पादन बढ़कर 46.75 LMT हो गया, जबकि पिछले वर्ष यह 39.90 LMT था।
रिकवरी दर भी 8.50% से बढ़कर 8.65% हो गई, जो राज्य में दक्षता में सुधार को दर्शाती है।
31 मार्च 2026 तक चीनी उत्पादन का आंकड़ा
| राज्य | 2024-25 (LMT) | 2025-26 (LMT) | रिकवरी (%) |
|---|---|---|---|
| महाराष्ट्र | 80.10 | 98.95 | 9.50 |
| उत्तर प्रदेश | 87.70 | 87.45 | 10.20 |
| कर्नाटक | 39.90 | 46.75 | 8.65 |
राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर रिकवरी और पेराई
NFCSF के अनुसार, देश में कुल गन्ने की पेराई 2,835.39 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गई है, जो पिछले वर्ष के 2,655.07 लाख मीट्रिक टन से 180.32 लाख मीट्रिक टन अधिक है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि औसत चीनी रिकवरी दर भी बढ़कर 9.56% हो गई है, जो पिछले सीजन में 9.37% थी। यह संकेत देता है कि क्षेत्रीय भिन्नताओं के बावजूद तकनीकी और प्रबंधन स्तर पर सुधार हुआ है।
कुछ राज्यों में अभी भी जारी पेराई
हालांकि अधिकांश राज्यों में पेराई समाप्त हो चुकी है, लेकिन कुछ राज्यों में अभी भी सीमित मिलें कार्यरत हैं। इनमें गुजरात, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और तमिलनाडु शामिल हैं, जहां कुल मिलाकर कुछ दर्जन मिलें अभी भी उत्पादन कर रही हैं।
यह स्थिति बताती है कि सीजन लगभग खत्म हो चुका है, लेकिन अंतिम उत्पादन आंकड़ों में थोड़ी और वृद्धि संभव है।
चीनी उत्पादन सकारात्मक
कुल मिलाकर, 2025-26 का चीनी सीजन उत्पादन और दक्षता दोनों के लिहाज से सकारात्मक रहा है। जहां महाराष्ट्र और कर्नाटक ने उत्पादन में वृद्धि दिखाई, वहीं उत्तर प्रदेश ने रिकवरी में सुधार कर संतुलन बनाए रखा।
आगामी हफ्तों में जब पूरी तरह से पेराई समाप्त होगी, तब अंतिम आंकड़े इस सीजन को हाल के वर्षों में सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले सीजन में शामिल कर सकते हैं।
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