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ICAR ने जारी कीं 25 फसलों की 184 नई उन्नत किस्में, कृषि में नई क्रांति का आगाज़: शिवराज सिंह चौहान

नई दिल्ली, 05 जनवरी (कृषि भूमि ब्यूरो): केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को नई दिल्ली में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) द्वारा आयोजित कार्यक्रम में 25 फसलों की 184 नई उन्नत किस्मों का लोकार्पण किया। यह कदम भारतीय कृषि को अधिक उत्पादक, टिकाऊ और जलवायु-सहनीय बनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत ने उच्च उत्पादक बीजों के विकास में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। वर्ष 1969 में गजट अधिसूचना प्रक्रिया शुरू होने के बाद अब तक 7,205 फसल प्रजातियों को अधिसूचित किया जा चुका है। इनमें धान, गेहूं, मक्का, ज्वार, दलहन, तिलहन, रेशेदार और अन्य प्रमुख फसलें शामिल हैं।

बीते 11 वर्षों में तेज़ हुई बीज विकास की रफ्तार

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 11–12 वर्षों में बीज विकास की गति अभूतपूर्व रूप से बढ़ी है। इस अवधि में अकेले 3,236 उच्च उत्पादक किस्मों को मंजूरी दी गई, जबकि 1969 से 2014 के बीच 3,969 किस्में अधिसूचित हुई थीं। अब जारी की गई 184 नई किस्में किसानों को अधिक उपज, बेहतर गुणवत्ता और जलवायु सहनशीलता का लाभ देंगी।

ICAR, विश्वविद्यालयों और निजी क्षेत्र की साझेदारी

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इन किस्मों के विकास में ICAR की संस्थाओं, राज्य व केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालयों और निजी बीज कंपनियों की अहम भूमिका रही है। कुल 184 किस्मों में ICAR संस्थानों ने 60, कृषि विश्वविद्यालयों ने 62 और निजी बीज कंपनियों ने 62 किस्मों का योगदान दिया है।

इनमें कई किस्में सूखा सहनशील, बाढ़-रोधी, लवणीय-क्षारीय मिट्टी में उपज देने वाली और रोग-कीट प्रतिरोधी हैं, जो बदलते मौसम और जलवायु संकट के बीच किसानों के लिए सुरक्षा कवच का काम करेंगी।

अनाज, दलहन और तिलहन फसलों में बड़ी मजबूती

कार्यक्रम में अनाज फसलों की 122 उन्नत किस्में जारी की गईं, जिनमें धान की 60 और मक्का की 50 किस्में शामिल हैं। इसके अलावा ज्वार, बाजरा, रागी, लघु मिलेट्स और प्रोसो मिलेट की नई किस्में भी लॉन्च की गईं, जो पोषण सुरक्षा को मजबूत करेंगी।

दलहनों में अरहर, मूंग और उड़द की 6 नई किस्में जारी हुईं, जबकि तिलहनों के लिए सरसों, मूंगफली, तिल, कुसुम, अरंडी और गोभी सरसों सहित 13 नई किस्में किसानों को समर्पित की गईं। पशुपालकों के लिए 11 नई चारा फसलों की किस्में भी जारी की गईं।

कार्यक्रम में गन्ने की 6 और कपास की 24 किस्में (जिसमें 22 बीटी कपास शामिल हैं) जारी की गईं। इसके साथ ही जूट और तंबाकू की एक-एक नई किस्म भी लॉन्च की गई, जो इन फसलों से जुड़े किसानों के लिए बेहतर रिटर्न का अवसर देंगी।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत ने चावल उत्पादन में चीन को पीछे छोड़ते हुए 150.18 मिलियन टन उत्पादन का नया रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने भारतीय कृषि को ‘विकसित भारत’ की आधारशिला बताते हुए कहा कि देश अब न केवल खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित कर चुका है, बल्कि दुनिया को अन्न प्रदान करने वाला राष्ट्र बन गया है।

कार्यक्रम में कृषि एवं किसान कल्याण सचिव डॉ. देवेश चतुर्वेदी, ICAR के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट और राष्ट्रीय बीज निगम की अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. मनिंदर कौर द्विवेदी भी उपस्थित रहीं। इस मौके पर राष्ट्रीय बीज निगम ने 33.26 करोड़ रुपये का लाभांश चेक केंद्रीय कृषि मंत्री को सौंपा।

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