नई दिल्ली, 10 फरवरी (कृषि भूमि ब्यूरो): हर साल 10 फरवरी को विश्व दलहन दिवस (World Pulses Day) मनाया जाता है। इसका उद्देश्य दालों के पोषण मूल्य, खाद्य सुरक्षा, टिकाऊ खेती और किसानों की आय में उनकी भूमिका के प्रति वैश्विक जागरूकता बढ़ाना है। दालें प्रोटीन, फाइबर, आयरन और जरूरी सूक्ष्म पोषक तत्वों का सस्ता स्रोत हैं, इसी कारण इन्हें “सुपर फूड” भी कहा जाता है। दालें पोषण, खेती और किसानों की आय का आधार है।
संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2016 को अंतरराष्ट्रीय दलहन वर्ष घोषित किया था। इसी पहल को आगे बढ़ाते हुए संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 10 फरवरी को हर साल विश्व दलहन दिवस मनाने का निर्णय लिया, ताकि टिकाऊ कृषि और पोषण सुरक्षा में दालों के योगदान को वैश्विक पहचान मिल सके।
केंद्रीय कृषि मंत्री का संदेश
विश्व दलहन दिवस के मौके पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देश के दलहन उत्पादक किसानों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि दालें सिर्फ हमारी थाली का पोषण नहीं हैं, बल्कि किसान की मेहनत, मिट्टी की सेहत और भारत की खाद्य सुरक्षा की मजबूत नींव हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे दलहन आत्मनिर्भरता मिशन पर जोर देते हुए कहा कि इसका लक्ष्य आयात पर निर्भरता घटाना, घरेलू उत्पादन बढ़ाना और निर्यात के नए अवसर पैदा करना है।
विश्व दलहन दिवस के अवसर पर देश के सभी मेहनतकश दलहन उत्पादक किसान भाइयों-बहनों को हार्दिक बधाई! दाल केवल हमारी थाली का पोषण नहीं है, बल्कि यह किसान की मेहनत, मिट्टी की सेहत और भारत की खाद्य सुरक्षा का सशक्त आधार है।
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के दूरदर्शी नेतृत्व… pic.twitter.com/VT1wJoiz8e
— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) February 10, 2026
क्यों खास है दलहन की खेती?
दलहन फसलें मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती हैं। ये पौधे हवा से नाइट्रोजन को मिट्टी में स्थिर करते हैं, जिससे रासायनिक उर्वरकों की जरूरत कम होती है और खेती की लागत घटती है। यही वजह है कि जलवायु-अनुकूल और टिकाऊ कृषि प्रणालियों में दालों को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
दुनिया में दलहन उत्पादन: भारत सबसे आगे
वैश्विक स्तर पर दालों का उत्पादन करीब 9 करोड़ टन के आसपास आंका जाता है। इसमें भारत का योगदान सबसे ज्यादा है।
प्रमुख दलहन उत्पादक देश (वार्षिक अनुमान)
| देश | उत्पादन (लाख टन) |
|---|---|
| भारत | 210–250 |
| म्यांमार | 65–70 |
| कनाडा | 60–70 |
| चीन | 45–50 |
| नाइजीरिया | 35–40 |
भारत अकेले लगभग 25% वैश्विक दलहन उत्पादन करता है, जिससे वह दुनिया का सबसे बड़ा दलहन उत्पादक और उपभोक्ता देश बनता है।
भारत में दलहन उत्पादन और प्रमुख राज्य
भारत में दालों की खेती खरीफ और रबी—दोनों मौसमों में होती है, लेकिन कुल उत्पादन में रबी दालों की हिस्सेदारी 60% से अधिक है।
प्रमुख दलहन उत्पादक राज्य
| राज्य | विशेषता |
|---|---|
| मध्य प्रदेश | देश का सबसे बड़ा दलहन उत्पादक |
| महाराष्ट्र | तुअर और चना उत्पादन |
| राजस्थान | चना और मूंग |
| उत्तर प्रदेश | राष्ट्रीय उत्पादन में 10–12% योगदान |
| कर्नाटक | तुअर और उड़द |
कुलमिलाकर, World Pulses Day 2026 न सिर्फ पोषण का उत्सव है, बल्कि यह किसानों, मिट्टी और टिकाऊ खेती के महत्व को भी रेखांकित करता है। दलहन उत्पादन में भारत की अग्रणी भूमिका यह साबित करती है कि दालें देश की खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं।
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