नई दिल्ली, 03 जनवरी (कृषि भूमि ब्यूरो): देश में नई सरसों की आवक शुरू होने से पहले सरसों बाजार फिलहाल स्थिर बना हुआ है। उपलब्ध स्टॉक और मासिक क्रशिंग की मात्रा लगभग बराबर रहने से डिमांड और सप्लाई का संतुलन बना हुआ है, जिसका असर मंडी भावों में स्थिरता के रूप में दिख रहा है।
तेल उद्योग और मंडी व्यापारियों के अनुसार इस समय सरसों की क्रशिंग वास्तविक मांग के अनुरूप चल रही है। प्रोसेसर्स जरूरत भर की खरीद कर रहे हैं, जिससे न तो स्टॉक पर दबाव बन रहा है और न ही कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल रहा है।
प्रमुख मंडियों में सरसों के भाव (औसत):
- जयपुर (राजस्थान): ₹5,450 – ₹5,550 प्रति क्विंटल
- अलवर (राजस्थान): ₹5,400 – ₹5,520 प्रति क्विंटल
- भरतपुर (राजस्थान): ₹5,350 – ₹5,480 प्रति क्विंटल
- श्रीगंगानगर: ₹5,500 – ₹5,600 प्रति क्विंटल
- हिसार (हरियाणा): ₹5,300 – ₹5,420 प्रति क्विंटल
- ग्वालियर (मध्य प्रदेश): ₹5,250 – ₹5,350 प्रति क्विंटल
व्यापारियों का कहना है कि सीमित आवक और नियंत्रित क्रशिंग के कारण भाव एक दायरे में टिके हुए हैं। सरसों तेल की मांग भी सामान्य बनी हुई है, जबकि आयातित खाद्य तेलों की स्थिर आपूर्ति घरेलू बाजार पर दबाव कम कर रही है।
जानकारों के अनुसार इस समय क्रशिंग यूनिट्स जरूरत के हिसाब से काम कर रही हैं। पुरानी सरसों का स्टॉक घट जरूर रहा है, लेकिन नई फसल की संभावनाओं को देखते हुए बाजार में फिलहाल कोई घबराहट नहीं है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे ही फरवरी–मार्च से नई सरसों की आवक तेज होगी, बाजार में आपूर्ति बढ़ेगी। अगर मौसम अनुकूल रहा तो आगे चलकर सरसों और सरसों तेल के भावों में नरमी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल, नई आवक से पहले का यह दौर सरसों बाजार के लिए संतुलन और स्थिरता का संकेत दे रहा है।
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