नई दिल्ली, 15 फरवरी (कृषि भूमि ब्यूरो): महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर कपास किसानों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। भोपाल स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान द्वारा विकसित आधुनिक कपास हार्वेस्टिंग मशीन को औपचारिक रूप से किसानों को समर्पित किया गया।
यह मशीन कपास की तुड़ाई से जुड़ी उस पुरानी समस्या का समाधान पेश करती है, जिसमें अब तक पूरी प्रक्रिया हाथ से करनी पड़ती थी।
मजदूरों की कमी और बढ़ती लागत से मिलेगी राहत
अब तक कपास की तुड़ाई में भारी श्रम, अधिक समय और मजदूरी की ऊंची लागत किसानों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई थी। ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूरों की कमी और बढ़ते खर्च के कारण कपास की खेती का मुनाफा लगातार दबाव में था।
ICAR-CIAE की इस मशीन के जरिए तुड़ाई का काम तेज, सटीक और कम लागत में संभव होगा। इससे किसानों की मजदूरी पर निर्भरता घटेगी और फसल समय पर बाजार तक पहुंच सकेगी।
शिवराज सिंह चौहान ने देखा मशीन का लाइव प्रदर्शन
मशीन के प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्वयं कपास तुड़ाई की प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि यह तकनीक कपास किसानों के लिए गेम चेंजर साबित होगी।
उनके अनुसार, आधुनिक हार्वेस्टिंग मशीन से न केवल तुड़ाई का समय काफी कम होगा, बल्कि उत्पादन लागत घटने से किसानों की आय में भी सीधा फायदा पहुंचेगा।
आज महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भोपाल स्थित ICAR – केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान (CIAE) के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित कपास हार्वेस्टिंग मशीन किसानों को समर्पित की।
अब तक कपास की तुड़ाई हाथ से करनी पड़ती थी। इसमें समय तथा श्रम भी अधिक लगता था और लागत भी बढ़ जाती थी। किसानों… pic.twitter.com/BeBsB6D211
— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) February 15, 2026
भारतीय खेतों के अनुरूप डिजाइन
CIAE के वैज्ञानिकों ने बताया कि यह कपास हार्वेस्टिंग मशीन भारतीय कृषि परिस्थितियों और छोटे व मझोले किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित की गई है। मशीन का रखरखाव सरल है और इसे स्थानीय परिस्थितियों में आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है।
संस्थान के मुताबिक, यह मशीन जल्द ही किसानों के लिए व्यावसायिक रूप से उपलब्ध कराई जाएगी।
कपास उत्पादन बढ़ाने पर भी फोकस
कपास किसानों की आय बढ़ाने के लिए ICAR केवल मशीनरी तक सीमित नहीं है। वैज्ञानिक नई कपास किस्मों पर भी काम कर रहे हैं, जो रोग प्रतिरोधी हों और अधिक उत्पादन दें।
इसके साथ ही प्रति एकड़ अधिक पौधे लगाने की तकनीक पर अनुसंधान किया जा रहा है, ताकि सीमित भूमि से किसानों को ज्यादा उपज मिल सके।
कृषि यंत्रीकरण को मिलेगी नई गति
ICAR-CIAE की यह पहल देश में कृषि यंत्रीकरण को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है। आधुनिक कपास हार्वेस्टिंग मशीन से खेती आसान, सस्ती और ज्यादा लाभकारी बनेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की तकनीकें आने वाले वर्षों में कपास के साथ-साथ अन्य नकदी फसलों की खेती में भी बड़ा बदलाव ला सकती हैं।
किसानों को मिली यह तकनीकी सौगात कपास खेती के भविष्य को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। श्रम संकट, बढ़ती लागत और समय की चुनौती से जूझ रहे किसानों के लिए ICAR-CIAE की कपास हार्वेस्टिंग मशीन खेती को नई उम्मीद और नई रफ्तार देने वाली साबित हो सकती है।
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