मुंबई, 22 नवंबर (कृषि भूमि ब्यूरो): नागपुर में गुरुवार को केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एग्रो विजन 2025 का उद्घाटन किया। उद्घाटन समारोह में चौहान ने संतरा किसानों के लिए बड़ा ऐलान करते हुए नागपुर में 70 करोड़ रुपये की लागत से क्लीन प्लांट सेंटर स्थापित करने की घोषणा की। यह केंद्र संतरा उत्पादकों को गुणवत्ता वाली पौध (नर्सरी सामग्री) उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम में महाराष्ट्र सरकार के मंत्री, क्षेत्रीय विधायक, कृषि विशेषज्ञ, कुलपति, शोध एवं कृषि संस्थानों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
संतरा उत्पादकता की जड़ पौधे की गुणवत्ता: शिवराज सिंह चौहान
कृषि मंत्री चौहान ने कहा कि संतरा बागानों की उत्पादकता पूरी तरह पौध सामग्री की गुणवत्ता पर निर्भर करती है। यदि किसान नर्सरी से वायरस-ग्रस्त पौधे ले आते हैं, तो कुछ सालों में पूरा बागान नष्ट हो जाता है। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए सरकार अब देशभर में मान्यता प्राप्त नर्सरियों को चिन्हित करेगी और उन्हें वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
नर्सरियों को 4 करोड़ तक की सहायता
सरकार द्वारा शुरू की जा रही नई सहायता योजना के तहत:
- बड़ी नर्सरियां — अधिकतम ₹4 करोड़ तक की सहायता
- मध्यम और छोटी नर्सरियां — अधिकतम ₹2 करोड़ तक की सहायता
यह सहयोग उन्हें उच्च गुणवत्ता वाले क्लीन प्लांट तैयार करने में मदद करेगा, जिससे किसानों को स्वस्थ, रोग-मुक्त पौधे मिल सकेंगे।
नागपुर के संतरा उद्योग को नई मजबूती
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण पौधे मिलने से संतरा उत्पादन में बड़ा सुधार होगा। इससे न केवल किसानों की आमदनी बढ़ेगी, बल्कि नागपुर के संतरा उद्योग को भी विश्व स्तर पर मजबूती मिलेगी।
चौहान ने कहा, “कृषि मंत्री के रूप में किसानों की सेवा करना मेरे लिए मिशन है। अन्नदाता की बेहतरी के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।”
महिलाओं को ‘लखपति बनाने’ पर जोर
कार्यक्रम में चौहान ने महिला सशक्तिकरण योजनाओं का उल्लेख किया और कहा कि देश में विभिन्न सरकारें ‘बहना’ योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत कर रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को कृषि आधारित उद्यमों से जोड़कर ‘लखपति बहनें’ बनाने का लक्ष्य एग्रो विजन के तहत भी रखा गया है।
फसल बीमा योजना में बड़े बदलाव
चौहान ने बताया कि महाराष्ट्र में हाल की भारी बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जलभराव से फसलें नष्ट हुईं, परंतु पहले प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में इस प्रकार के नुकसान को शामिल नहीं किया गया था।
अब योजना में दो बड़े बदलाव किए गए हैं—
1️⃣ जलभराव से फसल नुकसान शामिल
2️⃣ जंगली जानवरों से फसल नुकसान भी शामिल
अब किसान इन परिस्थितियों में भी मुआवजा प्राप्त कर सकेंगे।
आलू–प्याज–टमाटर का परिवहन खर्च केंद्र सरकार उठाएगी
कृषि उत्पादों को बड़े शहरों में भेजने में किसानों को भारी लागत चुकानी पड़ती है। इस समस्या के समाधान के लिए केंद्र सरकार ने निर्णय लिया है कि:
- आलू, प्याज, टमाटर जैसी नाशवंत फसलों के परिवहन का पूरा खर्च कृषि विभाग वहन करेगा।
इससे किसानों को बेहतर बाजार और उचित दाम मिल सकेंगे।
65 करोड़ की डेयरी परियोजना का शिलान्यास
कार्यक्रम में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) ने नागपुर में 65 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले डेयरी प्लांट का शिलान्यास किया, जो वर्ष 2027 से कार्यरत होगा।
एग्रो विजन के दौरान कृषि उपकरण, नई तकनीक, प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण और कृषि मार्केटिंग पर सेमिनार एवं प्रदर्शनियों ने किसानों का ध्यान आकर्षित किया।
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