जयपुर, 21 नवम्बर, 2025, (कृषि भूमि डेस्क): डूंगरी डैम परियोजना को लेकर सरकार और ग्रामीणों के बीच टकराव की स्थिति लगातार गहराती जा रही है। एक ओर जहां सरकार इसे चंबल नदी के जल प्रबंधन के लिए एक अतिमहत्वपूर्ण योजना बता रही है, वहीं विस्थापित होने वाले गांवों के ग्रामीणों ने महापंचायत बुलाकर अपना कड़ा विरोध जताया है। डूंगरी बांध परियोजना पर बढ़ते विवाद के बीच, प्रदेश सरकार ने आज सवाई माधोपुर में एक पत्रकार वार्ता आयोजित किया। इस दौरान मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा, सुरेश सिंह रावत और जवाहर सिंह बेढम ने सरकार का पक्ष रखा और परियोजना से जुड़े महत्वपूर्ण आँकड़े सामने रखे।
9 गांवों की 100% आबादी पर विस्थापन का खतरा
पत्रकार वार्ता में सबसे बड़ा खुलासा जल संसाधन विभाग से जुड़े मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बांध निर्माण से प्रभावित होने वाले 9 गांवों की 70% से लेकर 100% तक आबादी विस्थापित होगी। मंत्री मीणा ने इस मुद्दे पर सरकार की संवेदनशीलता पर जोर दिया और आश्वासन दिया कि विस्थापित होने वाले परिवारों के लिए उचित पुनर्वास और सहायता के सभी प्रावधान सुनिश्चित किए जाएंगे।
डॉ. मीणा ने इस बात पर भी चिंता व्यक्त की कि कुछ निहित स्वार्थ वाले लोग ग्रामीणों को गुमराह कर रहे हैं और उन्हें हिंसक आंदोलन के लिए उकसा रहे हैं। उन्होंने विस्थापित परिवारों से अपील की कि वे किसी भी भड़काऊ साजिश से दूर रहें और संयम बनाए रखें।
परियोजना से 17 जिलों को लाभ
मंत्री सुरेश सिंह रावत ने डूंगरी बांध परियोजना को राज्य के लिए एक ‘अतिमहत्वपूर्ण’ योजना बताया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना चंबल नदी के पानी के बेहतर प्रबंधन के लिए बनाई गई है और राज्य के जल प्रबंधन को मजबूत करेगी। सरकार का दावा है कि इस बांध के माध्यम से:
- सिंचाई: 4 लाख 3 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी।
- पानी की उपलब्धता: कृषि के लिए 2000 MCF (मिलियन क्यूबिक फीट) और उद्योगों के लिए 205 MCF पानी उपलब्ध कराया जाएगा।
- व्यापक लाभ: कालीसिंध और चंबल का पानी जो व्यर्थ बह जाता था, उसे रोककर राज्य के 17 जिलों में सदुपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।
रावत ने आश्वस्त किया कि सरकार परियोजना के साथ-साथ प्रभावित परिवारों के हितों का भी पूरा ध्यान रखेगी और उनकी जनसुनवाई कर हर संभव मदद प्रदान की जाएगी।
विपक्ष पर गुमराह करने का आरोप
मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने इस अवसर पर विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग अपनी राजनीतिक रोटियाँ सेंकने के लिए किसानों को गुमराह कर रहे हैं। बेढम ने कहा कि ऐसे ‘बहरूपिये’ किसानों के बीच जाकर उन्हें भड़का रहे हैं और उनसे अपील की कि वे ऐसे तत्वों से सतर्क रहें और किसी के बहकावे में न आएं।
महापंचायत में बढ़ा विरोध
सपोटरा क्षेत्र में डूंगरी बांध के विरोध में आज महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। ग्रामीणों का मुख्य विरोध इस बात पर है कि बांध निर्माण से उनके पुरखों के गांव उजड़ जाएंगे और उनकी पारंपरिक आजीविका बुरी तरह प्रभावित होगी।
फिलहाल, डूंगरी बांध को लेकर सरकार अपनी विकास योजनाओं को लेकर दृढ़ है, जबकि ग्रामीणों का प्रतिरोध बढ़ता जा रहा है। सरकार पुनर्वास और मुआवजे का आश्वासन दे रही है, लेकिन विस्थापन का डर और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप इस संवेदनशील मुद्दे को और अधिक जटिल बना रहे हैं।
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