भारत-कनाडा के बीच एग्री-फूड रिसर्च पर 5 साल का समझौता

नई दिल्ली, 04 मार्च (कृषि भूमि डेस्क): भारत और कनाडा के बीच एग्री-फूड सेक्टर में शोध और तकनीकी सहयोग को मजबूत करने के लिए पांच साल का समझौता (MoU) किया गया है। इस समझौते का उद्देश्य कृषि अनुसंधान, खाद्य प्रसंस्करण और आधुनिक कृषि तकनीकों के क्षेत्र में संयुक्त रिसर्च को बढ़ावा देना है।

यह समझौता नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ फ़ूड टेक्नोलॉजी एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट-कुंडली (NIFTEM-K) और यूनिवर्सिटी ऑफ़ सस्केचेवान (University of Saskatchewan – USask) और  के बीच हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस साझेदारी से कृषि उत्पादकता बढ़ाने के साथ-साथ कृषि निर्यात के नए अवसर भी खुल सकते हैं।

समझौते पर NIFTEM-K के निदेशक हरिंदर सिंह ओबेरॉय और यूनिवर्सिटी ऑफ सस्केचेवान के वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) बलजीत सिंह ने हस्ताक्षर किए। यह समझौता सस्केचेवान के प्रीमियर Scott Moe और भारत के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ।

अधिकारियों के अनुसार यह पहल दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों द्वारा पल्स प्रोटीन में संयुक्त सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की घोषणा के बाद आगे बढ़ाई गई है, जिसे NIFTEM-K और यूनिवर्सिटी ऑफ सस्केचेवान मिलकर संचालित करेंगे।

समझौते में शामिल होंगे कई संयुक्त कार्यक्रम

इस समझौते के तहत कई शैक्षणिक और औद्योगिक गतिविधियों को शामिल किया गया है।

प्रमुख क्षेत्रप्रस्तावित पहल
संयुक्त अनुसंधानफसल अनुसंधान और फूड प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी
शिक्षा व प्रशिक्षणऑनलाइन कोर्स और ट्रेनिंग प्रोग्राम
अकादमिक सहयोगफैकल्टी और स्टूडेंट एक्सचेंज
डिग्री प्रोग्रामफूड प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी में इंटीग्रेटेड डिग्री
उद्योग सहयोगइंडस्ट्री-ओरिएंटेड शॉर्ट कोर्स और रिसर्च

इसके अलावा दोनों संस्थान मिलकर इनोवेशन, सस्टेनेबल फूड सिस्टम, फूड सिक्योरिटी और वैल्यू-चेन डेवलपमेंट से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर भी काम करेंगे।

संयुक्त रूप से रिसर्च फंडिंग प्रस्ताव, सेमिनार और वर्कशॉप आयोजित करने की भी योजना है।

रिसर्च आधारित इंडस्ट्रियल ग्रोथ को मिलेगा बढ़ावा

अधिकारियों के अनुसार इस सहयोग से एग्री-फूड सेक्टर में रिसर्च आधारित औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही भारत और कनाडा के बीच कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग मजबूत होगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस पहल से फूड टेक्नोलॉजी, वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट और कृषि स्टार्टअप को नई दिशा मिल सकती है। इससे NIFTEM-K की वैश्विक स्तर पर भागीदारी और पहचान भी मजबूत होने की उम्मीद है।

===
हमारे लेटेस्ट अपडेट्स और खास जानकारियों के लिए अभी जुड़ें — बस इस लिंक पर क्लिक करें:
https://whatsapp.com/channel/0029Vb0T9JQ29759LPXk1C45

शेयर :

Facebook
Twitter
LinkedIn
WhatsApp

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें

ताज़ा न्यूज़

विज्ञापन

विशेष न्यूज़

Stay with us!

Subscribe to our newsletter and get notification to stay update.

राज्यों की सूची

SL888