नई दिल्ली, 23 जनवरी (कृषि भूमि ब्यूरो): Gold Price Today – देश और दुनिया में सोने की कीमतों में आई तेज़ी पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। सुरक्षित निवेश के तौर पर मांग घटने और रिकॉर्ड ऊंचाई के बाद मुनाफावसूली के चलते सोने के दाम नीचे आए हैं। आज सुबह राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना ₹1,54,450 प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का हाजिर भाव फिसलकर $4,822.65 प्रति औंस रह गया।
ग्रीनलैंड मुद्दे पर नरमी से घटा भू-राजनीतिक प्रीमियम
सोने पर दबाव की बड़ी वजह भू-राजनीतिक तनाव में कमी मानी जा रही है। Donald Trump ने कहा है कि अमेरिका ग्रीनलैंड पर नियंत्रण को लेकर यूरोप पर टैरिफ लगाने की योजना से पीछे हट रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका ग्रीनलैंड पर कब्जे के लिए सैन्य बल का इस्तेमाल नहीं करेगा।
इस घोषणा से पहले ट्रंप ने डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, नीदरलैंड और फिनलैंड से अमेरिका आने वाले सामान पर 10% टैरिफ लगाने की चेतावनी दी थी, जिसे 25% तक बढ़ाने की बात भी कही गई थी। लेकिन अब इन टैरिफ्स को रद्द करने के संकेत मिलने से बाजार में जोखिम का माहौल कुछ हल्का हुआ और सोने का भू-राजनीतिक प्रीमियम घट गया।
देश के प्रमुख शहरों में गोल्ड रेट (₹/10 ग्राम)
| शहर | 22 कैरेट | 24 कैरेट |
|---|---|---|
| दिल्ली | 1,41,590 | 1,54,450 |
| मुंबई | 1,41,440 | 1,54,300 |
| अहमदाबाद | 1,41,490 | 1,54,350 |
| चेन्नई | 1,41,440 | 1,54,300 |
| कोलकाता | 1,41,440 | 1,54,300 |
| हैदराबाद | 1,41,440 | 1,54,300 |
| जयपुर | 1,41,590 | 1,54,450 |
| भोपाल | 1,41,490 | 1,54,350 |
| लखनऊ | 1,41,590 | 1,54,450 |
| चंडीगढ़ | 1,41,590 | 1,54,450 |
चांदी भी दबाव में
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी कमजोरी देखने को मिली। घरेलू बाजार में चांदी ₹3,30,100 प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार करती दिखी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी का हाजिर भाव $94.91 प्रति औंस के स्तर पर रहा। सोने और चांदी—दोनों की कीमतों पर घरेलू मांग के साथ-साथ वैश्विक घटनाक्रम का असर पड़ता है।

लॉन्ग टर्म आउटलुक पर गोल्डमैन सैक्स बुलिश
हालिया गिरावट के बावजूद, दीर्घकालिक नजरिए से सोने को लेकर बड़े ब्रोकरेज अब भी सकारात्मक हैं। Goldman Sachs ने दिसंबर 2026 के लिए सोने की कीमत का अनुमान $4,900 से बढ़ाकर $5,400 प्रति औंस कर दिया है।
ब्रोकरेज के अनुसार, वैश्विक नीतिगत जोखिमों से बचाव के लिए सोना खरीदने वाले प्राइवेट सेक्टर के निवेशक 2026 में भी अपनी होल्डिंग बेचने की जल्दी में नहीं होंगे, जिससे लंबी अवधि में सोने को सपोर्ट मिलता रह सकता है।
कुलमिलाकर, निकट अवधि में भू-राजनीतिक तनाव में कमी और मुनाफावसूली से सोने-चांदी में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। हालांकि, महंगाई, वैश्विक नीतिगत जोखिम और निवेशकों की लॉन्ग टर्म रणनीति के चलते सोना अब भी मजबूत एसेट के तौर पर बना हुआ है।
===
हमारे लेटेस्ट अपडेट्स और खास जानकारियों के लिए अभी जुड़ें — बस इस लिंक पर क्लिक करें:
https://whatsapp.com/channel/0029Vb0T9JQ29759LPXk1C45