[polylang_langswitcher]

पणजी, 09 जनवरी (कृषि भूमि ब्यूरो): गोवा सरकार ने युवाओं को खेती की ओर आकर्षित करने के लिए एक अहम पहल करते हुए 32 वर्षीय प्रगतिशील किसान वरद सामंत को राज्य का कृषि ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया है। सामंत की कहानी—खेती से दूरी से लेकर बड़े पैमाने पर सब्जी उत्पादन तक—को उदाहरण बनाकर सरकार यह संदेश देना चाहती है कि आधुनिक तकनीक और सरकारी सहयोग के साथ खेती न केवल टिकाऊ बल्कि अत्यंत लाभकारी भी हो सकती है।

मुख्यमंत्री ने क्यों चुना वरद सामंत को?

मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि सामंत की यात्रा कृषि में इनोवेशन, मशीनीकरण और सरकारी योजनाओं की ताकत को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में बागवानी विभाग के माध्यम से सामंत को उनकी स्थानीय रूप से उगाई गई सब्जियों के लिए क्रमशः ₹65 लाख, ₹60 लाख और ₹58 लाख का भुगतान किया गया। यह भुगतान बाहर से सब्जी लाने के लिए नहीं, बल्कि गोवा की मिट्टी में उगाई गई फसलों के लिए था।

अनियोजित शुरुआत, लेकिन साफ़ विज़न

वरद सामंत की खेती की शुरुआत किसी पूर्व योजना का हिस्सा नहीं थी। 2012 में B.Com पूरा करने के बाद भी खेती उनके करियर विकल्पों में शामिल नहीं थी, हालांकि उनके पिता किसान थे। परिवार पहले गन्ने की खेती करता था, लेकिन बाद में सामंत ने सब्जी उत्पादन की संभावनाओं को परखने का फैसला किया।

उन्होंने कर्नाटक और महाराष्ट्र का दौरा कर बेहतर कृषि पद्धतियों का अध्ययन किया और फिर गोवा लौटकर प्रयोग शुरू किए। लगभग 2,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में भिंडी की पहली फसल सफल रही, जिसने उन्हें खीरा, गाजर, पत्तागोभी और अन्य सब्जियां उगाने के लिए प्रेरित किया।

आज 10 एकड़ में उन्नत सब्जी खेती

धरबंदोरा के रहने वाले सामंत आज करीब 10 एकड़ में सब्जियों की खेती कर रहे हैं। वे पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक मशीनीकरण और कुशल तकनीकों के साथ जोड़ते हैं। फिलहाल वे पत्तागोभी (70 दिन), गाजर (20 दिन) और तरबूज (60 दिन) जैसी फसलें उगा रहे हैं।

उनका कहना है कि अकेले तरबूज की खेती भी बेहद लाभदायक हो सकती है। यदि तरबूज ₹30 प्रति किलो बिके, तो 60 दिनों में 20 टन उत्पादन से करीब ₹6 लाख की आमदनी संभव है।

आय, रोज़गार और मुनाफा

सामंत हर साल गोवा राज्य बागवानी निगम को 70–80 टन पत्तागोभी, 4–5 टन गाजर (कभी-कभी 10 टन तक) और अन्य सब्जियां सप्लाई करते हैं। उनकी सालाना आय ₹50–60 लाख के बीच रहती है। खर्चों के बाद किसानों को आमतौर पर 25–30% का मुनाफा मिल सकता है।

हालांकि मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने बताया कि सामंत के अनुसार उनका नेट प्रॉफिट करीब ₹30 लाख तक पहुंचता है। वे 20–22 मज़दूरों को रोज़गार देते हैं और 60,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में खेती नहीं करते।

“कभी सोचा नहीं था कि ऐसा सम्मान मिलेगा”

कृषि ब्रांड एंबेसडर बनाए जाने पर सामंत ने कहा कि उन्होंने कभी ऐसी भूमिका की कल्पना नहीं की थी। मुख्यमंत्री ने हाल ही में उनके खेतों का दौरा किया और उनके फसल प्रबंधन व खेती के तरीकों से प्रभावित होकर यह जिम्मेदारी सौंपी।

अब सामंत गोवा के सभी तालुकों में सेशन, डेमो और लेक्चर के माध्यम से युवाओं को सब्जी खेती के लिए प्रेरित करेंगे।

आत्मनिर्भर गोवा की दिशा में कदम

कृषि निदेशक संदीप फालदेसाई ने कहा कि यह नियुक्ति गोवा को सब्जी उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के सरकार के बड़े विज़न का हिस्सा है। कृषि विभाग और गोवा राज्य बागवानी निगम सुनिश्चित बाज़ार और तय कीमतों के जरिए किसानों को स्थिर आय दे रहे हैं।

सामंत ने अपनी सफलता का श्रेय सरकारी योजनाओं को देते हुए कहा कि गोवा में भिंडी के लिए ₹50 प्रति किलो की सुनिश्चित कीमत मिलती है, जो देश के अन्य राज्यों में दुर्लभ है।

युवाओं के लिए संदेश

वरद सामंत का मानना है कि यह धारणा बदलने की ज़रूरत है कि गोवा में खेती संभव नहीं है। उनके अनुसार, जिनके पास ज़मीन और पानी है, वे समर्पण, तकनीक और सरकारी मदद से खेती को मुनाफे का जरिया बना सकते हैं। उन्होंने खेती की ज़मीनों की रक्षा की भी अपील की और कहा कि भविष्य में मशीनीकृत और ऑटोमेटेड खेती से और नए अवसर खुलेंगे।

सरकार का मानना है कि वरद सामंत को चेहरा बनाकर यह संदेश स्पष्ट जाएगा कि आधुनिक खेती युवाओं के लिए एक आकर्षक और लाभकारी करियर विकल्प हो सकती है।

===
हमारे लेटेस्ट अपडेट्स और खास जानकारियों के लिए अभी जुड़ें — बस इस लिंक पर क्लिक करें:
https://whatsapp.com/channel/0029Vb0T9JQ29759LPXk1C45

शेयर :

Facebook
Twitter
LinkedIn
WhatsApp

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें

ताज़ा न्यूज़

विज्ञापन

विशेष न्यूज़

Stay with us!

Subscribe to our newsletter and get notification to stay update.

राज्यों की सूची