खरीफ सीजन से पहले भारत ने 920-930 डॉलर प्रति टन की ऊंची कीमत पर 15 लाख टन डीएपी आयात के सौदे किए हैं। ईरान युद्ध, एलएनजी संकट और वैश्विक आपूर्ति बाधाओं के कारण उर्वरक सब्सिडी का बोझ बढ़ने की आशंका है।
अमूल ने 14 मई 2025 से पूरे देश में दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की है। GCMMF ने बढ़ती उत्पादन लागत, पशु चारे की महंगाई और परिवहन खर्च को इसकी मुख्य वजह बताया है।
प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने खरीफ विपणन सीजन 2026-27 के लिए 14 फसलों के MSP में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। सरकार ने सूरजमुखी, कपास और तिलहन फसलों पर विशेष जोर देते हुए किसानों को लागत से कम से कम 50 प्रतिशत अधिक मूल्य सुनिश्चित करने का दावा किया है।