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सहकार से स्वामित्व तक: अमित शाह ने लांच की सहकारिता-आधारित टैक्सी सेवा ‘भारत टैक्सी’

नई दिल्ली, 08 फरवरी (कृषि भूमि ब्यूरो): केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में देश की पहली सहकारिता-आधारित टैक्सी सेवा ‘भारत टैक्सी’ का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सहकारिता मंत्रालय असंगठित और गिग इकोनॉमी से जुड़े श्रमिकों के लिए ऐसा मॉडल विकसित कर रहा है, जिसमें मेहनत करने वाला व्यक्ति स्वयं मालिक बने। अमित शाह ने विश्वास जताया कि अगले तीन वर्षों में भारत टैक्सी कश्मीर से कन्याकुमारी और द्वारका से कामख्या तक टैक्सी सारथियों के कल्याण का एक मजबूत माध्यम बनेगी।

सरकार नहीं, ‘सहकार’ का प्रवेश

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने स्पष्ट किया कि सरकार टैक्सी व्यवसाय में प्रवेश नहीं कर रही है, बल्कि सहकारिता टैक्सी के क्षेत्र में कदम रख रही है। उन्होंने कहा कि सहकार टैक्सी का असली मालिक कोई निजी कंपनी या पूंजीपति नहीं, बल्कि टैक्सी चलाने वाला सारथी स्वयं है। सहकार टैक्सी से जुड़े हर ड्राइवर इस सहकारी संस्था का समान रूप से मालिक होगा और यही इस मॉडल की सबसे बड़ी ताकत है।

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अमूल मॉडल से प्रेरित नई पहल

अमित शाह ने सहकारिता की सफलता को समझाते हुए अमूल का उदाहरण दिया और कहा कि जिस तरह 11 दुग्ध उत्पादकों से शुरू होकर अमूल आज करोड़ों किसानों की आय का आधार बना है, उसी तरह भारत टैक्सी भी छोटी शुरुआत के बावजूद बड़े बदलाव की क्षमता रखती है। उन्होंने कहा कि सहकारी मॉडल यह साबित करता है कि जब आम लोग मालिक बनते हैं, तो मुनाफा कुछ हाथों में सिमटने के बजाय व्यापक रूप से वितरित होता है।

कम पूंजी, पूरा मालिकाना हक

भारत टैक्सी में केवल 500 रुपये की न्यूनतम शेयर पूंजी से कोई भी सारथी इसका सदस्य बन सकता है। यही छोटी राशि उसे कंपनी का असली मालिक बनाती है। अमित शाह ने कहा कि सहकार टैक्सी कुल मुनाफे में से केवल 20 प्रतिशत राशि परिचालन के लिए रखेगी, जबकि शेष मुनाफा सीधे सारथियों के खाते में जाएगा। ग्राहक द्वारा किया गया भुगतान भी बिना किसी देरी के सीधे ड्राइवर के अकाउंट में ट्रांसफर होगा।

महिलाओं की सुरक्षा और ‘सारथी दीदी’ पहल

भारत टैक्सी में महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत ‘सारथी दीदी’ की विशेष संकल्पना लाई गई है, जिसमें महिला यात्रियों को केवल महिला ड्राइवर ही सेवा देंगी। दोपहिया वाहनों के जरिए कम किराए में सुरक्षित यात्रा की यह व्यवस्था महिलाओं के लिए एक व्यावहारिक और सशक्त विकल्प के रूप में देखी जा रही है।

संस्थागत सहयोग और सुविधाएँ

भारत टैक्सी ने दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, दिल्ली मेट्रो रेल निगम, एयरपोर्ट अथॉरिटी, इफको टोक्यो इंश्योरेंस और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया सहित कुल नौ प्रमुख संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापन किए हैं। इन साझेदारियों से यात्रियों और सारथियों दोनों को अतिरिक्त सुविधाएँ और भरोसेमंद सेवाएँ मिलेंगी।

प्रमुख विशेषताविवरण
मॉडलसहकारिता आधारित
मालिकटैक्सी सारथी
न्यूनतम शेयर₹500
कमीशनशून्य
मुनाफा वितरणसीधे सारथी के खाते में

गिग वर्कर्स के लिए सामाजिक सुरक्षा

अमित शाह ने बताया कि भारत टैक्सी से जुड़े सभी सारथी अब ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण कर सकते हैं, जिससे उन्हें प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही ऐप में SoS अलर्ट, 24×7 हेल्पलाइन और बहु-स्तरीय शिकायत निवारण व्यवस्था भी उपलब्ध कराई गई है।

कुलमिलाकर, भारत टैक्सी केवल एक नई टैक्सी सेवा नहीं, बल्कि सहकारिता के जरिए स्वामित्व, सम्मान और सुरक्षा का एक नया मॉडल है। अमित शाह के अनुसार, यह पहल आने वाले समय में न केवल टैक्सी सारथियों की आय बढ़ाएगी, बल्कि गिग इकोनॉमी में काम करने वाले करोड़ों लोगों के लिए आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण की नई राह खोलेगी।

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