लखनऊ (कृषि भूमि ब्यूरो): बजट 2026: उत्तर प्रदेश सरकार ने विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अपना अनुपूरक बजट पेश कर दिया है। सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि क्षेत्र और बुनियादी ढांचे को मजबूती देने के लिए कुल 17,942.73 करोड़ रुपये का बड़ा प्रावधान ग्रामीण विकास विभाग के लिए किया है। इस बजट में रोजगार, आजीविका योजनाओं, सड़कों के विकास और किसानों के हितों को केंद्र में रखा गया है।
आजीविका और आवास पर विशेष ध्यान
ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करने और पलायन रोकने के लिए सरकार ने आजीविका योजनाओं के तहत सामग्री मद के लिए सबसे बड़ी राशि 13,768.68 करोड़ रुपये आवंटित की है। इसके साथ ही, ग्रामीण इलाकों में गरीबों को पक्के मकान उपलब्ध कराने के वास्ते प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लिए 745.53 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
गांवों की कनेक्टिविटी सुधारने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत नई सड़कों के निर्माण हेतु 591.67 करोड़ रुपये और पुरानी एवं जर्जर सड़कों की मरम्मत व रखरखाव के लिए 80 करोड़ रुपये अलग से रखे गए हैं।
किसानों के लिए ‘भामाशाह भाव स्थिरता कोष’ और कृषि विकास
कृषि और बागवानी को बढ़ावा देने के लिए बजट में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। किसानों को आलू, टमाटर और प्याज जैसी फसलों का उचित व न्यूनतम मूल्य सुनिश्चित कराने के लिए 100 करोड़ रुपये की लागत से ‘भामाशाह भाव स्थिरता कोष’ का प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा, निजी कोल्ड स्टोरेज में आलू रखने पर सब्सिडी के लिए भी 100 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
अन्य प्रमुख कृषि आवंटन इस प्रकार हैं:
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आगरा अंतरराष्ट्रीय आलू केंद्र: संपर्क मार्ग और भूमि खरीद के लिए 9.53 करोड़ रुपये।
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जैविक खेती व बीज: रियायती दर पर जैविक खाद और वर्मी कंपोस्ट के लिए 50 करोड़ रुपये, तथा प्रमाणित बीजों पर अनुदान के लिए 20 करोड़ रुपये।
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एग्री-इन्फ्रास्ट्रक्चर: सरदार वल्लभभाई पटेल एग्री-इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत मार्केटिंग सुविधाओं के लिए 50 करोड़ रुपये और मैकेनिकल गन्ना कटाई यंत्रों की खरीद के लिए 10.40 करोड़ रुपये।

यूपी अनुपूरक बजट: पशुपालन, दुग्ध विकास और खाद्य सुरक्षा
ग्रामीण अर्थव्यवस्था के पूरक क्षेत्रों को बढ़ावा देते हुए दुग्धशाला विकास विभाग के लिए 211.25 करोड़ रुपये (जिसमें नंद बाबा दुग्ध मिशन के लिए 150 करोड़ रुपये शामिल हैं) का प्रावधान किया गया है। पशुधन विभाग को 78.62 करोड़ रुपये मिले हैं, जिसमें गो-आश्रय केंद्रों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 31.25 करोड़ रुपये रखे गए हैं। वहीं, खाद्य एवं रसद विभाग के लिए 254.88 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है, जिसमें प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के लिए 181 करोड़ रुपये शामिल हैं।
हरदोई का राजा टोडरमल संस्थान बनेगा विश्वविद्यालय
बजट का एक अन्य प्रमुख आकर्षण हरदोई स्थित राजा टोडरमल सर्वेक्षण एवं भूलेख प्रशिक्षण संस्थान को विश्वविद्यालय के रूप में विकसित करना है, जिसके लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह संस्थान राजस्व कर्मचारियों और चकबंदी अधिकारियों को भूमि सर्वेक्षण का तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करता है।
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