नई दिल्ली, 02 अप्रैल (कृषि भूमि ब्यूरो): Crude Oil Price – तेल बाजार में उबाल: 4% तक उछला क्रूड। वैश्विक तेल बाजार में जबरदस्त उथल-पुथल देखने को मिली है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हालिया बयान के बाद क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज उछाल आया है।
ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स $4.88 यानी करीब 4.8% बढ़कर $106.04 प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) भी $4.17 बढ़कर $104.29 प्रति बैरल हो गया। कुछ समय पहले तक $100 के नीचे कारोबार कर रहा कच्चा तेल अब तेजी से ऊपर निकल गया है।
क्या है वजह: युद्ध और सप्लाई का संकट
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा और ऊर्जा से जुड़े ठिकाने भी निशाने पर रहेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस ऑपरेशन की कोई तय समयसीमा नहीं है।

ट्रंप के अनुसार, ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ को शुरू हुए अभी एक महीना ही हुआ है, लेकिन ईरान की सैन्य क्षमता को भारी नुकसान पहुंच चुका है। इस बयान ने बाजार में अनिश्चितता को और बढ़ा दिया है।
Crude Oil Price – तेल बाजार में असली चिंता सप्लाई की है, क्योंकि Strait of Hormuz पर तनाव के चलते आपूर्ति बाधित हो रही है। यह मार्ग वैश्विक तेल सप्लाई का बड़ा हिस्सा संभालता है, और इसके बाधित होने से कीमतों पर सीधा असर पड़ रहा है।
ग्लोबल असर: महंगाई और एनर्जी संकट का खतरा
तेल की कीमतों में तेजी का असर केवल एनर्जी सेक्टर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महंगाई को भी बढ़ा सकता है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि कई देशों में फ्यूल की कमी देखी जा रही है।
Crude Oil Price – इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के प्रमुख ने चेतावनी दी है कि सप्लाई में झटके के कारण कुछ देशों में जल्द ही ऊर्जा राशनिंग लागू करनी पड़ सकती है।
फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में पेट्रोल पंपों पर ईंधन की कमी की खबरें सामने आ रही हैं, जिससे स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
होर्मुज स्ट्रेट बना सबसे बड़ा फ्लैशपॉइंट
मध्य पूर्व में जारी तनाव का केंद्र अब होर्मुज स्ट्रेट बन गया है। ट्रंप ने यहां तक कह दिया कि अगर यह जलमार्ग नहीं खुलता, तो अमेरिका ईरान के इंफ्रास्ट्रक्चर पर और हमले कर सकता है।
दूसरी ओर, ईरान ने भी साफ संकेत दिए हैं कि वह इस क्षेत्र पर अपना नियंत्रण बनाए रखेगा। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि स्ट्रेट का भविष्य ईरान और ओमान तय करेंगे।
बाजार की दिशा: आगे क्या?
हाल के दिनों में तेल की कीमतों में थोड़ी गिरावट आई थी, लेकिन मौजूदा हालात ने फिर से तेजी ला दी है। युद्ध से पहले की तुलना में अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतें अभी भी लगभग 40% अधिक बनी हुई हैं।
विशेषज्ञ मानते हैं कि जब तक होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह सामान्य नहीं होता और भू-राजनीतिक तनाव कम नहीं होता, तब तक तेल की कीमतों में अस्थिरता बनी रहेगी।
ट्रंप के बयान और मध्य पूर्व के हालात ने वैश्विक तेल बाजार को हिला कर रख दिया है। सरकारी IRIB ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के एक बयान का हवाला देते हुए कहा कि US प्रेसिडेंट के “बेतुके प्रदर्शनों” के आधार पर होर्मुज नहीं खोला जाएगा।
Crude Oil Price – क्रूड ऑयल की कीमतों में आई यह तेजी आने वाले समय में महंगाई और आर्थिक दबाव को बढ़ा सकती है। ऐसे में निवेशकों और सरकारों दोनों के लिए स्थिति पर नजर बनाए रखना बेहद जरूरी हो गया है।
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