मुंबई, 03 फरवरी (कृषि भूमि ब्यूरो): Silver Price Today – बजट आने के दो दिन बाद भी चांदी की कीमतों में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। 3 फरवरी को चांदी एक बार फिर ₹20,000 प्रति किलो सस्ती हो गई, जिससे घरेलू स्पॉट बाजार में इसकी कीमत ₹2,80,000 प्रति किलोग्राम पर आ गई है।
बीते हफ्ते की शुरुआत में चांदी ने रिकॉर्ड तेजी दिखाते हुए ₹4,10,000 प्रति किलोग्राम का स्तर पार कर लिया था, लेकिन इसके बाद मुनाफावसूली और मजबूत डॉलर के दबाव में कीमतें लगातार फिसलती चली गईं। अगर मौजूदा भाव की तुलना हालिया पीक से करें, तो बीते 10 दिनों में चांदी करीब ₹1,30,000 प्रति किलो टूट चुकी है, जिसे बाजार में बड़ी गिरावट के तौर पर देखा जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बनाम घरेलू बाजार
अंतरराष्ट्रीय बाजार में तस्वीर कुछ अलग रही। कॉमेक्स पर चांदी 3 फरवरी को $83.79 प्रति औंस तक पहुंच गई, जो पिछले बंद भाव से करीब 8.8% की तेजी दिखाती है। इससे संकेत मिलता है कि गिरावट के बाद वैश्विक स्तर पर फिर से खरीदारी लौट सकती है।
हालांकि घरेलू बाजार में दबाव बना रहा। MCX पर चांदी के फ्यूचर्स ₹2,32,500 प्रति किलो पर बंद हुए, जो करीब 1.6% की गिरावट दर्शाता है। मजबूत डॉलर और हालिया रिकॉर्ड रैली के बाद मुनाफावसूली ने घरेलू कीमतों को नीचे खींचा।
क्यों आई चांदी में इतनी बड़ी गिरावट?
पिछले कुछ दिनों में चांदी रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद ओवरबॉट ज़ोन में चली गई थी। इसके चलते निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू की। साथ ही, US Federal Reserve द्वारा जनवरी की बैठक में ब्याज दरों को 3.5–3.75% पर स्थिर रखने और Kevin Warsh को फेड का अगला चेयरमैन नामित किए जाने से डॉलर मजबूत हुआ। सख्त मौद्रिक रुख की उम्मीदों ने चांदी जैसी कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ाया।
डॉलर और कच्चे तेल का असर
एक्सपर्ट्स के मुताबिक डॉलर में मजबूती ने चांदी की कीमतों को नीचे धकेला। इसके अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान से संभावित समझौते के संकेत से जियो-पॉलिटिकल टेंशन में थोड़ी नरमी आई, जिससे कच्चे तेल (WTI) पर दबाव बना और उसका असर भी चांदी पर देखने को मिला।
निवेशकों को किन फैक्टर्स पर रहेगी नजर
आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करने में RBI की मौद्रिक नीति बैठक, अमेरिकी जॉब्स डेटा और ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग व सर्विस PMI अहम भूमिका निभाएंगे। इन संकेतकों से डॉलर, ब्याज दरों और कीमती धातुओं की चाल प्रभावित हो सकती है।
कंज्यूमर और निवेशकों के लिए क्या मायने?
एक्सपर्ट्स मानते हैं कि शॉर्ट टर्म में चांदी में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। हालांकि रूस-यूक्रेन युद्ध, गाजा संकट और इंडस्ट्रियल डिमांड जैसे फैक्टर्स लंबे समय में चांदी को सपोर्ट दे सकते हैं। निवेशकों को जल्दबाजी से बचते हुए स्तरों पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है।
सिटी-वाइज सिल्वर प्राइस (₹/Kg)
| शहर | सिल्वर रेट |
|---|---|
| दिल्ली | 2,80,000 |
| मुंबई | 2,80,000 |
| अहमदाबाद | 2,80,000 |
| चेन्नई | 2,80,000 |
| कोलकाता | 2,80,000 |
| हैदराबाद | 2,80,000 |
| जयपुर | 2,80,000 |
| भोपाल | 2,80,000 |
| लखनऊ | 2,80,000 |
| चंडीगढ़ | 2,80,000 |
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