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CCI का रिकॉर्ड प्रदर्शन: कपास खरीद से बाजार स्थिर, सरकार को मिला लाभांश

नई दिल्ली, 21 जनवरी (कृषि भूमि ब्यूरो): कपास किसानों को उनकी उपज का उचित और सुनिश्चित दाम दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाली Cotton Corporation of India (CCI) ने वित्त वर्ष 2024-25 में मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है। न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के तहत प्रभावी खरीद, डिजिटल सुविधाओं और बाजार स्थिरता के जरिए किसानों के हितों की रक्षा करते हुए CCI ने केंद्र सरकार को ₹8.89 करोड़ का लाभांश सौंपा है।

यह लाभांश नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह को प्रदान किया गया। इस अवसर पर वस्त्र मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

₹20,009 करोड़ का कारोबार, किसानों को सीधा फायदा

CCI के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 में निगम ने ₹20,009 करोड़ का कारोबार किया, जो इसके अब तक के सबसे बड़े कारोबारों में शामिल है। यह प्रदर्शन कपास की खरीद, भंडारण और बिक्री व्यवस्था में CCI की मजबूती को दर्शाता है। इसका सीधा लाभ किसानों को MSP के तहत समय पर भुगतान और बाजार में कीमतों की गिरावट से सुरक्षा के रूप में मिला।

केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि CCI कपास किसानों के लिए एक भरोसेमंद सुरक्षा कवच है और घरेलू कपास बाजार को संतुलित बनाए रखने में इसकी भूमिका बेहद अहम है।

MSP खरीद से बाजार में स्थिरता

CCI न्यूनतम समर्थन मूल्य के तहत कपास की खरीद करती है, जिससे बाजार भाव गिरने की स्थिति में भी किसानों को तय न्यूनतम दाम मिल सके। यह व्यवस्था खासतौर पर छोटे और सीमांत किसानों के लिए राहत का बड़ा जरिया बनी है।

CCI ने बताया कि भारत में उत्पादित कस्तूरी कॉटन का लगभग 97 प्रतिशत उत्पादन CCI के जरिए हुआ है। इससे न केवल भारतीय कपास की गुणवत्ता में सुधार हुआ है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारत की पहचान और भरोसे को भी मजबूती मिली है।

डिजिटल पहल से किसानों तक सीधी पहुंच

किसानों तक सीधी पहुंच बढ़ाने के लिए CCI ने देश के 150 जिलों में 571 खरीद केंद्र स्थापित किए हैं। साथ ही, कपास किसान मोबाइल ऐप के जरिए खरीद प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। इस ऐप पर अब तक 46 लाख से अधिक किसान पंजीकृत हो चुके हैं।

किसान घर बैठे पंजीकरण, अग्रिम बुकिंग और भुगतान से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर पा रहे हैं। पारदर्शिता बढ़ाने के लिए CCI ने QR कोड और ब्लॉकचेन तकनीक के जरिए कपास की हर गांठ को ट्रैक करना शुरू किया है। इसके अलावा, CotBiz प्लेटफॉर्म के माध्यम से कपास की ई-नीलामी की जा रही है, जिससे किसानों और खरीदारों—दोनों को बेहतर कीमत और पारदर्शी सौदे का लाभ मिल रहा है।

कुलमिलाकर, वित्त वर्ष 2024-25 में CCI का प्रदर्शन यह दर्शाता है कि MSP आधारित खरीद, तकनीक का उपयोग और मजबूत बाजार हस्तक्षेप किस तरह किसानों की आय सुरक्षा और घरेलू कपास बाजार की स्थिरता सुनिश्चित कर सकता है। आने वाले समय में CCI की यह भूमिका भारतीय कपास क्षेत्र के लिए और भी महत्वपूर्ण रहने की उम्मीद है।

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