नई दिल्ली, 16 जनवरी (कृषि भूमि ब्यूरो): देश में 2025-26 सीज़न के दौरान गन्ने की पेराई का काम तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज़ लिमिटेड (NFCSF) द्वारा जारी ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, 15 जनवरी 2026 तक देश की चीनी मिलों ने 1,763.74 लाख मीट्रिक टन (LMT) गन्ने की पेराई की है। पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 1,484.04 LMT था, जिससे इस बार पेराई में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज हुई है।
चीनी उत्पादन 158.85 LMT तक पहुंचा
NFCSF के मुताबिक, मौजूदा सीज़न में अब तक कुल चीनी उत्पादन 158.85 LMT रहा है, जो एक साल पहले की समान अवधि में दर्ज 130.60 LMT की तुलना में काफ़ी अधिक है। इस दौरान देशभर में 519 चीनी मिलें पेराई कार्य में शामिल रहीं।
औसत चीनी रिकवरी दर भी सुधरकर 9.01 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जबकि पिछले साल 15 जनवरी तक यह 8.80 प्रतिशत थी। बेहतर रिकवरी ने उत्पादन बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है।
प्रमुख राज्यों का प्रदर्शन
देश के प्रमुख चीनी उत्पादक राज्यों में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक का योगदान सबसे ज़्यादा रहा है। उत्तर प्रदेश में 466.33 LMT गन्ने की पेराई के बाद 45.70 LMT चीनी का उत्पादन हुआ, जहां औसत रिकवरी दर 9.80 प्रतिशत दर्ज की गई।
महाराष्ट्र में 717.78 LMT गन्ने की पेराई से 64.60 LMT चीनी का उत्पादन हुआ और औसत रिकवरी 9.00 प्रतिशत रही। कर्नाटक में 381.37 LMT गन्ने की पेराई के बाद 30.70 LMT चीनी का उत्पादन दर्ज किया गया, जहां औसत रिकवरी दर 8.05 प्रतिशत रही।
| राज्य | गन्ना पेराई (LMT) | चीनी उत्पादन (LMT) | रिकवरी (%) |
|---|---|---|---|
| उत्तर प्रदेश | 466.33 | 45.70 | 9.80 |
| महाराष्ट्र | 717.78 | 64.60 | 9.00 |
| कर्नाटक | 381.37 | 30.70 | 8.05 |
पूरे सीज़न का अनुमान और इथेनॉल डायवर्जन
NFCSF का अनुमान है कि मौजूदा 2025-26 सीज़न के अंत तक, यानी सितंबर 2026 तक, देश का कुल चीनी उत्पादन करीब 350 LMT तक पहुंच सकता है। साइकिल-1 इथेनॉल आवंटन नीति के तहत लगभग 35 LMT चीनी को इथेनॉल उत्पादन के लिए डायवर्ट किए जाने की संभावना है।
इस तरह शुद्ध चीनी उत्पादन लगभग 315 LMT रहने का अनुमान है। इसमें सबसे बड़ा योगदान महाराष्ट्र से 110 LMT, उत्तर प्रदेश से 105 LMT, कर्नाटक से 55 LMT और गुजरात से 8 LMT का रहने की उम्मीद है।
घरेलू खपत और स्टॉक की स्थिति
NFCSF के अनुसार, देश में अनुमानित घरेलू चीनी खपत 290 LMT रहने की संभावना है। मौजूदा सीज़न की शुरुआत में मौजूद लगभग 50 LMT के ओपनिंग स्टॉक को जोड़ने के बाद, सीज़न के अंत में चीनी मिलों के गोदामों में करीब 75 LMT का बैलेंस स्टॉक रहने का अनुमान है।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर पेराई, सुधरी रिकवरी और इथेनॉल नीति के संतुलन से चीनी सेक्टर में सप्लाई की स्थिति फिलहाल आरामदायक बनी रह सकती है।
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