नई दिल्ली, 1 जनवरी (कृषि भूमि ब्यूरो): केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के लिए स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दरों को यथावत रखने का फैसला किया है। सरकारी आदेश के अनुसार, 1 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2026 तक सभी छोटी बचत योजनाओं पर वही ब्याज दरें लागू रहेंगी, जो तीसरी तिमाही में प्रभावी थीं।
बाजार में यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि सरकार कुछ योजनाओं की ब्याज दरों में कटौती कर सकती है। इसकी वजह यह थी कि भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने बीते एक साल में रेपो रेट में कुल 1.25 प्रतिशत की कटौती की है, जिसका असर बैंक एफडी और अन्य जमा योजनाओं पर साफ तौर पर देखने को मिला है।
हालांकि, सरकार के इस फैसले से स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स में निवेश करने वालों को बड़ी राहत मिली है।
रेपो रेट से सीधे तय नहीं होतीं स्मॉल सेविंग्स की दरें
जानकारों के मुताबिक, स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दरें सीधे तौर पर RBI के रेपो रेट से जुड़ी नहीं होतीं। सरकार इन दरों का निर्धारण मुख्य रूप से 10 साल के सरकारी बॉन्ड (G-Sec) की यील्ड, महंगाई दर और अन्य मैक्रो-इकॉनॉमिक संकेतकों के आधार पर करती है।
यही वजह है कि रेपो रेट में कटौती के बावजूद सरकार ने छोटी बचत योजनाओं की दरों को स्थिर बनाए रखने का फैसला किया।
किन योजनाओं पर लागू होगा फैसला
सरकार के इस निर्णय का असर पोस्ट ऑफिस की सभी प्रमुख स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स पर पड़ेगा, जिनमें शामिल हैं: पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), सुकन्या समृद्धि योजना, नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC), किसान विकास पत्र (KVP), सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) और पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट। इन सभी योजनाओं पर चौथी तिमाही में भी ब्याज दरें तीसरी तिमाही के स्तर पर ही बनी रहेंगी।
निवेशकों के लिए क्यों अहम है यह फैसला
सरकार का यह कदम ऐसे समय में आया है, जब महंगाई और ब्याज दरों को लेकर बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। ब्याज दरों में स्थिरता से उन निवेशकों को राहत मिली है, जो सुरक्षित और तय रिटर्न वाली योजनाओं को प्राथमिकता देते हैं।
खास तौर पर सीनियर सिटीजन, रिटायर्ड कर्मचारी, छोटे और मध्यम निवेशक की आय का बड़ा हिस्सा पोस्ट ऑफिस और स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स पर निर्भर करता है। ऐसे में ब्याज दरों में कटौती न होना उनके लिए आर्थिक सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
लगातार दूसरी तिमाही में स्थिर रहीं दरें
सरकारी अधिसूचना में साफ कहा गया है कि चौथी तिमाही की ब्याज दरें 1 अक्टूबर 2025 से 31 दिसंबर 2025 के दौरान लागू दरों के समान ही रहेंगी। यानी सरकार ने लगातार दूसरी तिमाही में इन योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह फैसला सरकार की उस नीति को दर्शाता है, जिसके तहत स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स को बाजार की अत्यधिक अस्थिरता से अलग रखा जाता है, ताकि आम निवेशकों का भरोसा बना रहे।
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