नई दिल्ली, 13 फरवरी (कृषि भूमि ब्यूरो): केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया है कि भारत द्वारा किए गए सभी मुक्त व्यापार समझौते (FTA) और अंतरराष्ट्रीय ट्रेड डील पूरी तरह राष्ट्रहित में हैं। उन्होंने कहा कि इन समझौतों में किसानों और कृषि क्षेत्र के हितों की सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है और किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया गया है।
अमेरिका और यूरोपियन यूनियन से समझौते भी सुरक्षित
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के 64वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि चाहे समझौते यूरोपियन यूनियन के साथ हों या अमेरिका के साथ, सभी निर्णय व्यापक अध्ययन और आकलन के बाद लिए गए हैं। उन्होंने विशेष तौर पर कहा कि अमेरिका के साथ हुए ट्रेड एग्रीमेंट में भी भारत का राष्ट्रीय हित और किसानों की सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित की गई है।
अफवाह फैलाने वालों पर निशाना
शिवराज सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि कुछ लोग किसानों के नाम पर भय और अफवाह फैलाकर राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि “देश बिक गया” जैसे नारों के जरिए भ्रम पैदा किया जा रहा है, जबकि सच्चाई यह है कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के हित पूरी तरह सुरक्षित हैं और आगे भी रहेंगे।
LIVE: Hon'ble Union Minister Shri @ChouhanShivraj ji addresses at 64th Convocation ceremony of ICAR- Indian Agricultural Research Institute at PUSA, New Delhi. https://t.co/8LLNsLDzUU
— Office of Shivraj (@OfficeofSSC) February 13, 2026
प्रमुख फसलें और डेयरी सेक्टर सुरक्षित
मंत्री ने स्पष्ट किया कि गेहूं, मक्का, चावल, सोयाबीन और मोटे अनाज जैसी प्रमुख फसलों के लिए आयात के द्वार नहीं खोले गए हैं। डेयरी और पोल्ट्री सेक्टर को भी पूरी तरह संरक्षित रखा गया है। उन्होंने कहा कि जिन उत्पादों का आयात किया गया है, वे देश की जरूरतों के अनुसार हैं और इससे किसानों को किसी प्रकार का नुकसान नहीं होगा।
| क्षेत्र | सरकार का रुख |
|---|---|
| गेहूं, चावल, मक्का | आयात से सुरक्षित |
| सोयाबीन व मोटे अनाज | पूर्ण संरक्षण |
| डेयरी व पोल्ट्री | कोई समझौता नहीं |
आईएआरआई को बताया कृषि प्रगति का केंद्र
शिवराज सिंह चौहान ने आईएआरआई को देश की कृषि प्रगति का प्राण केंद्र बताते हुए कहा कि हरित क्रांति की शुरुआत यहीं से हुई थी। उन्होंने “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि विकसित कृषि और समृद्ध किसान इस संकल्प की मजबूत नींव हैं।
आज पूसा, नई दिल्ली में ICAR-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) के 64वें दीक्षांत समारोह में सहभागिता की। इस अवसर पर प्रतिभाशाली बेटे-बेटियों को उपाधि प्रदान कर उज्ज्वल भविष्य हेतु अपनी शुभकामनाएं दीं।
उपाधि प्राप्त करने वाले मेरे प्रिय बेटे-बेटियों, आज से आपके सेवा-पथ की नई… pic.twitter.com/j7EEHLhryI
— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) February 13, 2026
‘Lab to Land’ और एग्री-स्टार्टअप पर जोर
मंत्री ने कहा कि “लैब टू लैंड” केवल नारा नहीं, बल्कि वैज्ञानिकों की जिम्मेदारी है कि शोध प्रयोगशालाओं की तकनीक खेत तक पहुंचे। उन्होंने प्राकृतिक खेती, माइक्रो-इरिगेशन, ड्रोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित स्मार्ट कृषि को भविष्य की जरूरत बताया।
युवाओं से उन्होंने “Job Seeker” के बजाय “Job Creator” बनने का आह्वान करते हुए एग्री-स्टार्टअप, एग्री-प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन के जरिए किसानों को बाजार से जोड़ने पर जोर दिया।
समारोह में केंद्रीय राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी और रामनाथ ठाकुर, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट तथा आईएआरआई के निदेशक डॉ. सी.एच. श्रीनिवास राव सहित बड़ी संख्या में वैज्ञानिक और छात्र मौजूद रहे। इस वर्ष 470 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं, जिनमें 290 एमएससी/एमटेक और 180 पीएचडी छात्र शामिल थे।
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