पटना, 09 जनवरी (कृषि भूमि ब्यूरो): Government Subsidy – बिहार में पैदा होने वाला मखाना अब सिर्फ स्थानीय फसल नहीं रहा, बल्कि देश और विदेश में एक सुपरफूड के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। सेहत के लिए फायदेमंद होने के कारण इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है। इसी बढ़ती डिमांड को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकारें मखाना उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए किसानों को सीधी आर्थिक सहायता दे रही हैं।
सरकार का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक किसान मखाना की खेती अपनाएं, कम लागत में बेहतर मुनाफा कमाएं और किसानों की आय में स्थायी बढ़ोतरी हो। उन्नत बीज, तकनीकी सहयोग और सब्सिडी के जरिए मखाना की खेती को आसान और लाभकारी बनाया जा रहा है।
मखाना खेती के लिए सरकार की खास योजना
कृषि विभाग ने मखाना की खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकारी अनुदान योजना शुरू की है। इसके तहत किसान 15 जनवरी तक बिहार कृषि ऐप या उद्यान निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
ध्यान रहे, आवेदन वही किसान कर पाएंगे जो पहले से विभागीय DBT पोर्टल पर पंजीकृत हैं।
कितनी मिलेगी सब्सिडी और कितनी होगी लागत
मखाना की खेती के लिए सरकार ने प्रति हेक्टेयर 0.97 लाख रुपये की यूनिट लागत निर्धारित की है। इसमें बीज, आवश्यक कृषि इनपुट और हार्वेस्टिंग तक का खर्च शामिल है। पहले वर्ष में किसानों को 36,375 रुपये प्रति हेक्टेयर की सब्सिडी मिलेगी। बीज की राशि सीधे बीज आपूर्तिकर्ता को दी जाएगी।शेष सब्सिडी पौध रोपण के बाद किसानों के खाते में ट्रांसफर की जाएगी
कितनी जमीन के लिए मिलेगा योजना का लाभ
इस योजना के तहत एक किसान को न्यूनतम 0.25 एकड़ (0.1 हेक्टेयर) और अधिकतम 5 एकड़ (2 हेक्टेयर) तक की भूमि के लिए लाभ मिलेगा। इससे छोटे और मध्यम दोनों वर्ग के किसान लाभान्वित हो सकेंगे।
उन्नत बीजों पर भी सरकार की मदद
मखाना बीज उत्पादन योजना के अंतर्गत स्वर्ण वैदेही और सबौर मखाना-1 जैसी उन्नत किस्मों के बीज तैयार किए जाएंगे। सरकार मखाना बीज वितरण योजना के तहत 225 रुपये प्रति किलो तक की सहायता देगी। यदि बीज की कीमत इससे अधिक हुई, तो अतिरिक्त राशि किसानों को स्वयं वहन करनी होगी।
इन 16 जिलों के किसानों को मिलेगा लाभ
इस योजना का लाभ बिहार के 16 जिलों के किसानों को दिया जाएगा, जिनमें शामिल हैं: कटिहार, पूर्णिया, दरभंगा, मधुबनी, किशनगंज, सुपौल, अररिया, मधेपुरा, सहरसा, खगड़िया, समस्तीपुर, भागलपुर, सीतामढ़ी, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण और मुजफ्फरपुर।
किसानों की आय बढ़ाने की बड़ी पहल
सरकार की इस योजना से मखाना की खेती का रकबा और उत्पादन दोनों बढ़ेंगे। उन्नत बीज, आधुनिक तकनीक और सब्सिडी के जरिए न केवल मखाना उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि किसानों की आमदनी में भी उल्लेखनीय सुधार होगा। मखाना अब बिहार के किसानों के लिए कम लागत में अधिक मुनाफे वाली फसल के रूप में उभर रहा है।
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