नई दिल्ली, 3 सितंबर (कृषि भूमि ब्यूरो):
मक्का का बाजार पिछले 10 दिनों से हल्के कमजोर रुझान के साथ कारोबार कर रहा है। दक्षिण भारत में बाजारों में गिरावट देखी जा रही है, क्योंकि स्टॉकिस्ट अपना माल बेच रहे हैं और नई फसल की बम्पर संभावनाओं के कारण कीमतें नीचे जा रही हैं। नमक्कल में प्रीमियम मक्का की कीमतें जुलाई के अंत में 2700 रुपये से गिरकर 2500 रुपये तक पहुंच गई हैं।
इसी तरह की गिरावट कर्नाटक और महाराष्ट्र में भी देखी जा रही है। सांगली में प्रीमियम मक्का के भाव 12 अगस्त को 2600 रुपये थे, जो 30 अगस्त को घटकर 2475 रुपये रह गए। हालांकि नीमच मंडी में ₹50 की तेजी बनी हुई है। कल दिल्ली में यूपी लाइन की मक्का 2350 और बिहार लाइन की मक्का ₹2600, गुलाब बाग में ₹2400, कठवाड़ा में 2300 रुपए और बुलंदशहर में 2150 रुपए प्रति क्विंटल रही।
उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत में फिलहाल कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, लेकिन नई फसल की आवक बढ़ते ही यहां भी दबाव देखने को मिलेगा। जिन स्टॉकिस्टों के पास पुराना माल बचा था, वे भी अब बेचने की जल्दी में हैं। स्टॉकिस्ट स्टॉक रखने से बच रहे हैं क्योंकि बरसात के कारण मक्का में नमी की मात्रा ज्यादा है। मक्का की बुवाई भी 15% अधिक है इसलिए उत्पादन बढ़ने की संभावना है, जिससे भाव और दबाव में आ सकते हैं।
इथनॉल इंडस्ट्री की डिमांड बाजार को थोड़ा बहुत संभाल सकती है लेकिन ऊंचे भाव पर इनकी खरीद घट जाती है। इथेनॉल प्लांट्स तक मक्का की रैक डिलीवरी करीब 2300 रुपये में की जा सकती है जबकि अभी वे बिहार का मक्का 2360 रुपये पर खरीद रहे हैं। आगे चलकर गुलाबबाग जैसी बड़ी मंडियों पर भी दबाव आ सकता है। कुल मिलाकर मक्का के दाम स्थिर से कमजोर रुख ही दिखा सकते हैं बड़ी तेजी की उम्मीद बहुत कम है।
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