चंडीगढ़, 12 दिसंबर (कृषि भूमि ब्यूरो): हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने घोषणा की कि अगस्त–सितंबर 2025 में हुई भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित किसानों को कुल 116 करोड़ 15 लाख रुपये की मुआवजा राशि जारी कर दी गई है। यह राशि 53,821 किसानों के खातों में सीधे भेजी जाएगी। मुख्यमंत्री के साथ कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जारी मुआवजा राशि में 35.29 करोड़ रुपये बाजरे, 27.43 करोड़ रुपये कपास, 22.91 करोड़ रुपये धान और 14.10 करोड़ रुपये ग्वार के नुकसान की भरपाई के लिए शामिल हैं। भुगतान की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और एक सप्ताह के भीतर पूरा मुआवजा किसानों तक पहुंच जाएगा।
उन्होंने कहा कि भारी बारिश के बाद राज्य सरकार ने ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल 15 सितंबर तक खुला रखा था, जहां किसानों ने फसल नुकसान का विवरण दर्ज कराया।
किन जिलों में सबसे अधिक नुकसान?
प्रदेश के तीन जिलों में सबसे ज्यादा कृषि हानि दर्ज की गई। चरखी दादरी के किसानों को 23.55 करोड़ रुपये, हिसार को 17.82 करोड़ रुपये और भिवानी के किसानों को 12.15 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है। सरकार इससे पहले बाढ़ के कारण पशुधन, मकान और अन्य हानियों के लिए 4.72 करोड़ रुपये की सहायता भी जारी कर चुकी है।
5 लाख से अधिक किसानों ने कराया था पंजीकरण
खरीफ सीजन 2025 के लिए क्षतिपूर्ति पोर्टल पर 5,29,199 किसानों ने 31 लाख एकड़ रकबे का पंजीकरण कराया था। सत्यापन के बाद पता चला कि 53,821 किसान और 1,20,380 एकड़ भूमि बाढ़ से प्रभावित हुई थी।
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के साथ खड़ी है और पिछले 11 वर्षों में फसल नुकसान मुआवजा और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 15,448 करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है।
कांग्रेस पर सीएम सैनी का हमला
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के समय किसानों के साथ “भद्दा मजाक” होता था। पटवारी सही सत्यापन नहीं करते थे, और किसानों को 2–5 रुपये तक के मुआवजा चेक जारी कर दिए जाते थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन (10 वर्ष) में केवल 1,138 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया था।
लापरवाही पर सख्त कार्रवाई
फसलों के नुकसान के सत्यापन में लापरवाही पाए जाने पर सरकार ने 6 पटवारियों को निलंबित कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर अधिकारी जनता के प्रति जवाबदेह है और भविष्य में भी किसी भी तरह की अनियमितता पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बाजरा किसानों को 358 करोड़ रुपये की भावांतर राशि जारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि बाजरा किसानों को उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए 2021 से बाजरे को भावांतर भरपाई योजना में शामिल किया गया था। सीजन 2025–26 में बाजरा खरीद 23 सितंबर से शुरू हुई।
सरकार ने किसानों को 575 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भावांतर राशि देने का निर्णय लिया है। आज 1,57,000 किसानों को 358 करोड़ 62 लाख रुपये जारी किए गए हैं। इसके साथ बाजरा भावांतर भुगतान का कुल आंकड़ा 1,285 करोड़ 62 लाख रुपये तक पहुंच गया है।
सीएम सैनी ने कहा कि इस सीजन में 6.23 लाख मीट्रिक टन बाजरे की खरीद हुई है और सरकार किसानों को हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है।
===
हमारे लेटेस्ट अपडेट्स और खास जानकारियों के लिए अभी जुड़ें — बस इस लिंक पर क्लिक करें:
https://whatsapp.com/channel/0029Vb0T9JQ29759LPXk1C45