जयपुर, 18 फरवरी (कृषि भूमि ब्यूरो): केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जयपुर में आयोजित एक बड़े कार्यक्रम में AI आधारित प्लेटफॉर्म “भारत-VISTAAR” के पहले चरण का शुभारंभ किया। इस मौके पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, राजस्थान सरकार के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, किसान और कृषि वैज्ञानिक मौजूद रहे।
कार्यक्रम से देशभर के ICAR संस्थानों, कृषि विश्वविद्यालयों और KVKs के प्रतिनिधि वर्चुअल रूप से जुड़े।
“पूछो और सीधे जवाब पाओ” – 155261 पर बस एक कॉल
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारत-VISTAAR को “पूछो और सीधे जवाब पाओ” वाला प्लेटफॉर्म बताया। उन्होंने कहा कि अब किसान को न दफ्तरों के चक्कर लगाने होंगे और न ही जटिल मोबाइल ऐप्स से जूझना पड़ेगा।
किसान केवल 155261 नंबर डायल कर फसल रोग, बोनी का सही समय, मौसम पूर्वानुमान, दवा का नाम या देश की प्रमुख मंडियों—जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, दिल्ली और मुंबई—के ताजा भाव जैसी जानकारी सीधे पा सकेंगे।
11 भारतीय भाषाओं में होगा विस्तार
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि भारत-VISTAAR की शुरुआत फिलहाल हिंदी और अंग्रेज़ी में की गई है, लेकिन इसे चरणबद्ध तरीके से 11 भारतीय भाषाओं—जैसे गुजराती, तमिल, बंगला, असमिया और कन्नड़—में विस्तारित किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह है कि हर राज्य का किसान अपनी मातृभाषा में सटीक और भरोसेमंद कृषि सलाह ले सके।
योजनाओं से लेकर शिकायत निवारण तक एक ही प्लेटफॉर्म
भारत-VISTAAR को केवल सूचना सेवा तक सीमित नहीं रखा गया है। इस प्लेटफॉर्म पर पीएम-किसान, फसल बीमा, सॉइल हेल्थ कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड, कृषि यंत्रीकरण, पीएम कृषि सिंचाई योजना, पर ड्रॉप-मोर क्रॉप और कृषि अवसंरचना कोष जैसी योजनाओं की जानकारी, पात्रता, आवेदन की स्थिति और शिकायत निवारण की सुविधा भी उपलब्ध होगी। आगे चलकर फार्मर आईडी के जरिए खेत, मिट्टी और फसल से जुड़ा पूरा प्रोफाइल भी इसी सिस्टम से जोड़ा जाएगा।
MSP और विपक्ष पर तीखा हमला
अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए MSP के मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा कि स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को कांग्रेस सरकार ने कभी लागू नहीं किया, जबकि 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागत पर 50% लाभ जोड़कर MSP लागू किया गया।
सेब, सोयाबीन, मक्का और डेयरी पर सरकार का रुख स्पष्ट
कृषि मंत्री ने सेब आयात, सोयाबीन, मक्का और डेयरी उत्पादों पर सरकार की स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि किसानों के हितों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने दो टूक कहा कि दूध, घी, दही और पनीर जैसे डेयरी उत्पादों के आयात की अनुमति नहीं दी जाएगी, ताकि देश के दुग्ध उत्पादक किसानों को नुकसान न हो।
“किसान-प्रथम” नीति पर अडिग सरकार
अपने भाषण के अंत में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार हर वैश्विक समझौते और आर्थिक फैसले को “किसान-प्रथम दृष्टिकोण” से देखेगी। जिस तरह राष्ट्रीय सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं किया गया, उसी तरह कृषि और किसानों के हितों पर भी कोई समझौता नहीं होगा।
भारत-VISTAAR के लॉन्च के साथ डिजिटल कृषि के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाया गया है। यदि यह प्लेटफॉर्म ज़मीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचता है, तो किसानों के लिए जानकारी, योजना और समाधान—तीनों एक ही कॉल पर उपलब्ध हो सकेंगे।
===
हमारे लेटेस्ट अपडेट्स और खास जानकारियों के लिए अभी जुड़ें — बस इस लिंक पर क्लिक करें:
https://whatsapp.com/channel/0029Vb0T9JQ29759LPXk1C45