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किसान क्रेडिट कार्ड के नियमों होंगे बड़े बदलाव: अब कार्ड की वैधता 6 साल

नई दिल्ली, 10 फरवरी (कृषि भूमि ब्यूरो): खेती-किसानी को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है। रिजर्व बैंक ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना की व्यापक समीक्षा पूरी कर ली है और जल्द ही बैंकों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं। इन बदलावों का मकसद किसानों के लिए लोन प्रक्रिया को आसान बनाना, क्रेडिट की उपलब्धता बढ़ाना और खेती से जुड़ी आधुनिक जरूरतों को पूरा करना है।

अब 6 साल तक वैध रहेगा किसान क्रेडिट कार्ड

नए प्रस्ताव में सबसे अहम बदलाव KCC की वैधता से जुड़ा है। अब किसान क्रेडिट कार्ड की समय-सीमा बढ़ाकर 6 साल किए जाने का प्रस्ताव है। अभी तक किसानों को अपेक्षाकृत कम समय में कार्ड का नवीनीकरण कराना पड़ता था, जिससे बैंकिंग प्रक्रिया जटिल हो जाती थी।

इसके अलावा, देश के अलग-अलग राज्यों और इलाकों में फसल सीजन की परिभाषा को एक समान करने की कोशिश की जा रही है, ताकि लोन की मंजूरी और भुगतान की समय-सीमा को लेकर भ्रम खत्म हो सके।

खेती की मशीनों और नई तकनीक पर भी मिलेगा KCC लोन

बदलते समय के साथ खेती भी आधुनिक हो रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए RBI ने KCC के दायरे को बढ़ाने का सुझाव दिया है। अब किसान इस कार्ड के जरिए खेती में इस्तेमाल होने वाली मशीनों, आधुनिक उपकरणों और एग्री-टेक (Agri-tech) तकनीकों पर होने वाले खर्च को भी कवर कर सकेंगे।
साथ ही, बैंकों को यह निर्देश दिया जाएगा कि वे कर्ज की सीमा तय करते समय उस इलाके की वास्तविक खेती लागत (Scale of Finance) को ध्यान में रखें। इससे किसानों को उनकी जरूरत के मुताबिक पर्याप्त लोन मिल सकेगा।

5 लाख रुपये तक लोन और सिर्फ 4% ब्याज

सुविधा नया प्रस्ताव
शॉर्ट टर्म लोन सीमा ₹3 लाख से बढ़कर ₹5 लाख
सामान्य ब्याज दर 7%
समय पर भुगतान पर ब्याज केवल 4%
पशुपालन/मत्स्य पालन ₹2 लाख तक ब्याज छूट

बजट 2025-26 में KCC के तहत शॉर्ट-टर्म लोन की सीमा बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने का ऐलान पहले ही किया जा चुका है। समय पर कर्ज चुकाने वाले किसानों को सरकार की ओर से 3% ब्याज सब्सिडी मिलेगी, जिससे प्रभावी ब्याज दर सिर्फ 4% रह जाएगी।

डिजिटल किसान ऋण पोर्टल से पारदर्शिता

सरकार ने KCC से जुड़ी सब्सिडी और ब्याज छूट को पारदर्शी बनाने के लिए किसान ऋण पोर्टल (KRP) को मजबूत किया है। दिसंबर 2024 तक करीब 5.9 करोड़ किसानों को इस पोर्टल से जोड़ा जा चुका है। देश में फिलहाल लगभग 7.75 करोड़ KCC खाते सक्रिय हैं, जिन पर करीब 9.81 लाख करोड़ रुपये का कर्ज लिया गया है।

किसानों के लिए क्यों अहम हैं ये बदलाव?

विशेषज्ञों का मानना है कि RBI के ये सुधार किसानों को साहूकारों पर निर्भरता से बचाने, खेती में निवेश बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाएंगे।

KCC नियमों में प्रस्तावित ये बदलाव लागू होते हैं, तो देश के अन्नदाताओं को सस्ता, आसान और लंबे समय तक उपलब्ध वित्तीय सहारा मिल सकेगा।

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