मुंबई, 06 जनवरी (कृषि भूमि ब्यूरो): ग्लोबल मार्केट में जियोपॉलिटिकल तनाव बढ़ने के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल रहा है। वेनेजुएला को लेकर बढ़े तनाव और वहां की राजनीतिक स्थिति पर अनिश्चितता के चलते क्रूड ऑयल की कीमतें करीब 2 फीसदी चढ़कर 62 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई हैं। यह बीते एक हफ्ते की सबसे बड़ी तेजी मानी जा रही है।
वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 58 डॉलर प्रति बैरल के करीब कारोबार करता दिखा, जो पिछले सत्र में 1.7 फीसदी की मजबूती के साथ बंद हुआ था। दरअसल, वीकेंड में अमेरिकी सेना द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति को हिरासत में लिए जाने की खबर के बाद बाजार में जियोपॉलिटिकल रिस्क बढ़ गया, जिससे तेल की कीमतों को सपोर्ट मिला।
ट्रेडर्स और निवेशक वेनेजुएला के भविष्य के आउटपुट और एक्सपोर्ट को लेकर आकलन कर रहे हैं। देश के एनर्जी सेक्टर में संभावित बदलाव की उम्मीद से तेल कंपनियों के शेयरों में भी तेजी दर्ज की गई है। हेज फंड्स ने भी नवंबर के बाद पहली बार क्रूड पर सबसे ज्यादा बुलिश पोजिशन बनाई है, जो बाजार की सकारात्मक धारणा को दर्शाता है।
हालांकि, दूसरी ओर ग्लोबल ऑयल सरप्लस (Global Glut) को लेकर चिंता अभी खत्म नहीं हुई है। वेनेजुएला वैश्विक कच्चे तेल उत्पादन में केवल एक छोटा हिस्सा रखता है, ऐसे में उसके निर्यात में किसी भी तरह की बाधा का कीमतों पर लंबे समय तक बड़ा असर पड़ने की संभावना कम मानी जा रही है।
अधिक सप्लाई के दबाव के चलते सऊदी अरब को लगातार तीसरे महीने एशियाई बाजारों के लिए कच्चे तेल की कीमतों में कटौती करनी पड़ी है। इससे साफ है कि जियोपॉलिटिकल तनाव के बावजूद सप्लाई-साइड फैक्टर बाजार पर हावी बने हुए हैं।
मामले से जुड़े सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट इस सप्ताह तेल उद्योग के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात कर वेनेजुएला के एनर्जी सेक्टर को दोबारा शुरू करने की संभावनाओं पर चर्चा कर सकते हैं, जिससे आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
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