नई दिल्ली, 28 फरवरी (कृषि भूमि ब्यूरो): केंद्र सरकार ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) और अन्य सामाजिक योजनाओं के तहत फोर्टिफाइड चावल की आपूर्ति को फिलहाल अस्थायी रूप से बंद करने का ऐलान किया। खाद्य मंत्रालय के अनुसार, लंबे समय तक भंडारण के कारण चावल में मिलाए गए सूक्ष्म पोषक तत्वों की मात्रा कम हो जाती है, जिससे उसकी गुणवत्ता और शेल्फ लाइफ दोनों प्रभावित होती हैं।
भंडारण बना बड़ी चुनौती
खाद्य मंत्रालय ने बताया कि मौजूदा खरीद और वितरण व्यवस्था में चावल अक्सर 2 से 3 साल तक गोदामों में रखा रहता है। इस अवधि में फोर्टिफाइड चावल में मौजूद आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन B12 जैसे माइक्रोन्यूट्रिएंट्स धीरे-धीरे घट सकते हैं।
इस संबंध में आईआईटी खड़गपुर द्वारा किए गए अध्ययन में यह सामने आया कि चावल की गुणवत्ता कई कारकों पर निर्भर करती है, जिनमें नमी, तापमान, भंडारण की स्थिति, हवा में नमी (ह्यूमिडिटी) और पैकेजिंग सामग्री शामिल हैं। इन परिस्थितियों में फोर्टिफाइड चावल की पोषक स्थिरता प्रभावित हो सकती है।
राशन वितरण पर नहीं पड़ेगा असर
सरकार ने साफ किया है कि इस फैसले से आम लोगों को मिलने वाले राशन की मात्रा में कोई कमी नहीं होगी। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS), आंगनवाड़ी (ICDS) और मिड-डे मील योजना पहले की तरह जारी रहेंगी, केवल फोर्टिफिकेशन की प्रक्रिया को अस्थायी रूप से रोका गया है।
फोर्टिफिकेशन क्यों था जरूरी
फोर्टिफाइड चावल का उद्देश्य देश में एनीमिया और कुपोषण जैसी गंभीर समस्याओं से निपटना था। इसके तहत सामान्य चावल में आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन B12 मिलाए जाते हैं, ताकि गरीबों, महिलाओं, बच्चों और गर्भवती माताओं को बेहतर पोषण मिल सके।
सरकार ने मार्च 2024 तक सभी सामाजिक योजनाओं में फोर्टिफाइड चावल की आपूर्ति का लक्ष्य हासिल कर लिया था।
योजना पर हुआ बड़ा निवेश
अक्टूबर 2024 में कैबिनेट ने इस योजना को दिसंबर 2028 तक जारी रखने की मंजूरी दी थी, जिस पर करीब ₹17,082 करोड़ खर्च होने थे। देशभर में लगभग 21,000 चावल मिलों में फोर्टिफिकेशन के लिए मशीनें भी लगाई जा चुकी हैं।
इस योजना की घोषणा नरेंद्र मोदी ने 2021 में स्वतंत्रता दिवस के भाषण में की थी।
आगे की तैयारी
सरकार का कहना है कि जब तक पोषक तत्वों को सुरक्षित और प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंचाने की बेहतर व्यवस्था तैयार नहीं हो जाती, तब तक फोर्टिफिकेशन को रोका जाएगा। भविष्य में नई तकनीक और बेहतर भंडारण व्यवस्था के साथ इस प्रक्रिया को फिर से शुरू किया जा सकता है।
फोर्टिफाइड चावल से जुड़ी मुख्य बातें
| पहलू | जानकारी |
|---|---|
| अस्थायी रोक का कारण | लंबे भंडारण में पोषक तत्वों की कमी |
| राशन पर असर | मात्रा में कोई बदलाव नहीं |
| प्रभावित योजनाएं | PMGKAY, PDS, ICDS, मिड-डे मील |
| भविष्य की योजना | बेहतर और सुरक्षित फोर्टिफिकेशन सिस्टम |
फोर्टिफाइड चावल पर लगी यह रोक स्थायी नहीं है। सरकार का फोकस अब ऐसी प्रणाली विकसित करने पर है, जिससे पोषण भी सुरक्षित रहे और गरीबों तक सही गुणवत्ता वाला अनाज पहुंचता रहे।
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