लखनऊ, 23 फरवरी (कृषि भूमि ब्यूरो): किसानों के खातों में सीधे पहुंची 460 करोड़ की राशि – योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को किसानों के हित में एक बड़ा कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (खरीफ-2025) के तहत 2.51 लाख किसानों को ₹285 करोड़ का मुआवजा वितरित किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के अंतर्गत 3,500 परिवारों को ₹175 करोड़की वित्तीय सहायता प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक बटन दबाकर ₹460 करोड़ सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर किए गए हैं, जिससे बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह समाप्त हो गई है।
फसल बीमा, दुर्घटना कल्याण योजना की अहम बातें
मुख्यमंत्री ने बताया कि सूखा और अत्यधिक वर्षा जैसी प्राकृतिक आपदाओं से फसलों को भारी नुकसान हुआ था। ऐसे समय में फसल बीमा योजना किसानों के लिए मजबूत सुरक्षा कवच साबित हो रही है।
कृषक दुर्घटना कल्याण योजना को और व्यापक बनाते हुए अब इसमें केवल किसान ही नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य, बटाईदार और सह-किसान भी शामिल किए गए हैं। दुर्घटना में मृत्यु की स्थिति में ₹5 लाख तक की सहायता दी जाती है। इससे पहले 16 जून 2025 को भी 11,690 किसानों को ₹561.86 करोड़ की राशि वितरित की जा चुकी है।
कृषि और इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मिला बढ़ावा
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कई अहम परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी। इनमें बागपत, शामली, कासगंज और भदोही में उप कृषि निदेशक कार्यालय व मृदा परीक्षण प्रयोगशालाएं, मौरानीपुर (झांसी) में 50 बिस्तरों वाला छात्रावास, और लखनऊ में स्मार्ट कृषि ब्यूरो स्टूडियो शामिल हैं।
इसके साथ ही मौसम पूर्वानुमान को सटीक बनाने के लिए डॉप्लर रडार लगाने की भी घोषणा की गई, जिससे किसानों को समय रहते आपदा की जानकारी मिल सके।
आपदा मित्र योजना और राहत कोष
मुख्यमंत्री ने बताया कि 25 जिलों में आपदा मित्र प्रबंधन कार्यक्रम के तहत 29,772 युवा स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इन्हें लाइफ जैकेट, सर्च टॉर्च, प्राथमिक चिकित्सा किट और सुरक्षा हेलमेट जैसी आपातकालीन किट दी गई हैं।
राष्ट्रीय बीमा कंपनी के साथ एमओयू के तहत इन स्वयंसेवकों को ₹5 लाख का बीमा कवर मिलेगा। राज्य सरकार ने 2025-26 के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष में ₹876 करोड़ का प्रावधान किया है।
आपदा राहत का ताजा आंकड़ा
| सहायता का प्रकार | लाभार्थी | राशि (₹ करोड़) |
|---|---|---|
| फसल क्षति | 5,14,322 किसान | 260 |
| जीवन हानि | 5,398 पीड़ित | 216 |
| आवास क्षति | 27,448 लोग | 24 |
किसानों को समय पर मुआवजा, दुर्घटना में परिवारों को सीधी सहायता और आधुनिक तकनीक जैसे डॉप्लर रडार की पहल से साफ है कि उत्तर प्रदेश सरकार कृषि और आपदा प्रबंधन दोनों मोर्चों पर मजबूत ढांचा तैयार कर रही है। इससे न सिर्फ किसानों की आर्थिक सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि प्राकृतिक आपदाओं के जोखिम को भी काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
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