उत्तर प्रदेश के मूंगफली और तिल उत्पादक किसानों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है। खरीफ 2026 सीजन में मूल्य समर्थन योजना के तहत 86,500 मीट्रिक टन मूंगफली और 43,250 मीट्रिक टन तिल की खरीद होगी। दोनों फसलों की स्वीकृत खरीद का MSP मूल्य करीब 1,097 करोड़ रुपये है।
देश में चीनी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए समय से पहले पेराई शुरू कराने की सरकारी कोशिशों को शुरुआती सफलता मिली है। 31 अक्टूबर तक 152 चीनी मिलों में पेराई शुरू हो चुकी थी और 8.45 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ। महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 123 मिलें चालू हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में बारिश के कारण पेराई शुरू होने में देरी हुई है।
सरसों के मंडी भाव 9,300 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचने और MSP बढ़कर 6,613 रुपये होने के बावजूद रबी सीजन में इसकी बुवाई सुस्त है। 30 अक्टूबर तक देश में सिर्फ 20.50 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई, जो पिछले साल के मुकाबले 46.16 फीसदी कम है। राजस्थान और हरियाणा में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई है।
महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति के दौरान पशुधन के लिए गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित चारा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने सूखे चारे और साइलेज की आधार दरें निर्धारित की हैं। सूखे चारे के लिए अधिकतम ₹12 और साइलेज के लिए ₹8 प्रति किलोग्राम की दर तय की गई है। मंत्री पंकजा मुंडे ने बताया कि ये दरें घोषित सूखा अवधि के दौरान लागू रहेंगी। राज्य के 304 तालुकों में सूखे की स्थिति को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।