नई दिल्ली, 30 दिसंबर (कृषि भूमि ब्यूरो): रबी सीजन में किसानों ने इस बार बुआई को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया है। कृषि मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक चालू रबी सीजन में अब तक फसलों की बुआई का कुल रकबा 614 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले करीब 1 फीसदी अधिक है।
मंत्रालय के अनुसार, अनुकूल मौसम, समय पर हुई बारिश और सिंचाई की बेहतर उपलब्धता ने किसानों को रबी फसलों की बुआई के लिए प्रोत्साहित किया है। खास तौर पर गेहूं, तिलहन और दलहन फसलों के रकबे में बढ़ोतरी देखने को मिली है।
गेहूं और सरसों में दिखी मजबूती
रबी सीजन की प्रमुख फसल गेहूं की बुआई इस बार मजबूत रही है। उत्तर भारत के प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्यों—उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब और हरियाणा—में बुआई लगभग सामान्य से बेहतर स्तर पर पहुंच चुकी है। वहीं, सरसों जैसी तिलहन फसलों में भी किसानों की दिलचस्पी बढ़ी है, जिसका कारण पिछले सीजन में बेहतर कीमतें और मांग मानी जा रही है।
दलहन फसलों का रकबा भी बढ़ा
चना और अन्य दलहन फसलों की बुआई में भी इजाफा दर्ज किया गया है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, दलहन फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और सरकारी खरीद से जुड़े भरोसे ने किसानों को इस ओर आकर्षित किया है।
उत्पादन और महंगाई पर असर
रबी बुआई क्षेत्र में बढ़ोतरी को खाद्यान्न उत्पादन के लिहाज से सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। यदि मौसम अनुकूल बना रहता है, तो इससे रबी फसलों का उत्पादन बढ़ सकता है, जिसका असर खाद्य कीमतों और महंगाई पर भी राहत के रूप में देखने को मिल सकता है।
कृषि मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि रबी सीजन की शुरुआत मजबूत रही है। बुआई क्षेत्र में बढ़ोतरी से न सिर्फ किसानों की आय को सहारा मिल सकता है, बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
===
हमारे लेटेस्ट अपडेट्स और खास जानकारियों के लिए अभी जुड़ें — बस इस लिंक पर क्लिक करें:
https://whatsapp.com/channel/0029Vb0T9JQ29759LPXk1C45