नई दिल्ली, 13 अप्रैल (कृषि भूमि ब्यूरो): हरियाणा न्यूनतम मजदूरी बढ़ोतरी – हरियाणा सरकार ने राज्य के लाखों श्रमिकों को बड़ी राहत देते हुए न्यूनतम मजदूरी में 35 प्रतिशत की वृद्धि का ऐलान किया है। यह फैसला मानेसर और गुरुग्राम के औद्योगिक क्षेत्रों में पिछले सप्ताह से चल रही ठेका श्रमिकों की हड़ताल और विरोध प्रदर्शनों के बाद लिया गया। सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार नई वेतन दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू मानी जाएंगी।
हड़ताल का असर और सरकार का निर्णय
मानेसर स्थित औद्योगिक क्षेत्र IMT में हजारों श्रमिक वेतन बढ़ोतरी, नौकरी की स्थिरता और कार्य स्थितियों में सुधार की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए थे। कई फैक्ट्रियों में उत्पादन ठप हो गया था, जिससे औद्योगिक गतिविधियों पर असर पड़ा।
स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ। लाठीचार्ज और गिरफ्तारियों के बाद मामला और गंभीर हो गया, जिसके चलते सरकार पर तुरंत समाधान निकालने का दबाव बढ़ गया।
इसी दबाव के बीच हरियाणा सरकार ने न्यूनतम मजदूरी में 35% बढ़ोतरी का फैसला लिया, जिसे श्रमिकों की प्रमुख मांगों में शामिल माना जा रहा था।
हरियाणा न्यूनतम मजदूरी बढ़ोतरी: किसे कितना फायदा
सरकार द्वारा जारी अधिसूचना में सभी श्रेणियों के श्रमिकों के वेतन में समान प्रतिशत से वृद्धि की गई है। नीचे नई मजदूरी दरों का विवरण दिया गया है:
यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर लाखों श्रमिकों की आय में सुधार लाएगी और उनकी क्रय शक्ति को मजबूत करेगी।
महंगाई और ईरान संकट का प्रभाव
हरियाणा न्यूनतम मजदूरी बढ़ोतरी पर श्रमिकों का कहना है कि हाल के महीनों में महंगाई तेजी से बढ़ी है। विशेष रूप से ऊर्जा और खाद्य कीमतों में उछाल ने दैनिक जीवन को प्रभावित किया है।
ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक संकट के कारण गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे भारत जैसे आयात-निर्भर देश में ईंधन और परिवहन लागत बढ़ी है। इसका सीधा असर श्रमिक वर्ग पर पड़ा, जिनके लिए पहले से ही सीमित आय में गुजारा करना मुश्किल हो गया था।
कई श्रमिकों ने बताया कि बढ़ती लागत के कारण उन्हें अपने गांव लौटने तक का निर्णय लेना पड़ा।
प्रशासन और कानून-व्यवस्था की स्थिति
गुरुग्राम प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सख्त कदम उठाए। मानेसर में धारा 163 लागू की गई और पुलिस ने पथराव व तोड़फोड़ के आरोप में 55 लोगों को गिरफ्तार किया।
डीसी गुरुग्राम अजय कुमार ने श्रमिकों से शांति बनाए रखने की अपील की है और औद्योगिक इकाइयों से नए वेतन को तत्काल लागू करने को कहा है। श्रम विभाग को भी सख्ती से निगरानी के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी तरह की अनदेखी न हो।
उद्योगों की चिंता और भविष्य की दिशा
जहां एक ओर श्रमिक इस फैसले से राहत महसूस कर रहे हैं, वहीं उद्योग जगत ने लागत बढ़ने को लेकर चिंता जताई है। ऑटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से जुड़े संगठनों का कहना है कि अचानक इतनी बड़ी वृद्धि से छोटे और मध्यम उद्योगों पर आर्थिक दबाव बढ़ सकता है।
पहले से ही कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि और वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता के चलते उद्योग संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे में यह निर्णय संतुलन बनाए रखने की चुनौती पेश करता है।
पड़ोसी राज्यों पर संभावित असर
हरियाणा के इस फैसले का असर अब पड़ोसी राज्यों में भी दिखने लगा है। उत्तर प्रदेश के नोएडा और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों ने वेतन बढ़ाने की मांग शुरू कर दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम अन्य राज्यों के लिए भी एक संकेत बन सकता है, जहां श्रमिक समान लाभ की अपेक्षा कर रहे हैं।
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