अमेरिका और ईरान के बीच महीनों से जारी संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में बड़ी कूटनीतिक सफलता मिली है। दोनों देशों ने युद्धविराम और शांति समझौते के लिए रूपरेखा डील पर सहमति जताई है, जबकि 19 जून को स्विट्जरलैंड में औपचारिक हस्ताक्षर होने हैं।
जनवरी में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद सोना करीब 25% टूट चुका है। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी ब्याज दरों और डॉलर की मजबूती के चलते गोल्ड पर दबाव बना रह सकता है, जबकि कीमतें 3,850-4,000 डॉलर प्रति औंस तक फिसल सकती हैं।
केंद्र सरकार ने प्याज किसानों को राहत देते हुए बफर स्टॉक के लिए खरीद मूल्य बढ़ाकर 16.50 रुपये प्रति किलो कर दिया है। नई दर 13 जून 2026 से लागू हो गई है, लेकिन किसान संगठन इसे नाकाफी बताते हुए अधिक कीमत की मांग कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय संकेतों और अमेरिका-ईरान तनाव में कूटनीतिक समाधान की उम्मीदों के बीच सोने और चांदी की कीमतों में फिर तेजी लौटी है। दिल्ली से लेकर चेन्नई तक अधिकांश शहरों में गोल्ड रेट बढ़े हैं।