रिपोर्ट: बिचित्र शर्मा
पालमपुर, 13 फरवरी (कृषि भूमि ब्यूरो): हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और किसानों को सीधा लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी क्रम में प्राकृतिक विधि से उगाई गई मक्की, धान और हल्दी के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है।
जिला कांगड़ा के उप कृषि निदेशक डॉ. कुलदीप धीमान ने बताया कि किसानों के साथ-साथ उपभोक्ताओं को भी लाभ पहुँचाने के लिए प्राकृतिक खेती के उत्पाद अब कृषि विभाग के माध्यम से रियायती दरों पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
विकास खंड स्तर पर उपलब्ध हुआ मक्की का आटा
उन्होंने जानकारी दी कि गेहूं का आटा और दलिया पहले ही कृषि विभाग के कार्यालयों में उपलब्ध करवा दिया गया था। अब प्राकृतिक खेती से तैयार मक्की का आटा भी विकास खंड स्तर के कार्यालयों तक पहुँचा दिया गया है। इससे आम उपभोक्ता किसी भी मात्रा में यह उत्पाद आसानी से खरीद सकते हैं।
मक्की का आटा अब छोटी पैकिंग में उपलब्ध होने से छोटे उपभोक्ताओं के लिए भी इसे खरीदना सुविधाजनक हो गया है।
पैकिंग और मूल्य विवरण
| उत्पाद | पैकिंग | वास्तविक मूल्य | अनुदान के बाद मूल्य |
|---|---|---|---|
| गेहूं का आटा | 5 किलो | — | — |
| दलिया | 500 ग्राम | — | — |
| मक्की का आटा | 1 किलो | ₹60 प्रति किलो | ₹55 प्रति किलो |
प्राकृतिक खेती के मक्की के आटे का वास्तविक मूल्य 60 रुपये प्रति किलो है, लेकिन उपभोक्ताओं को यह 55 रुपये प्रति किलो की रियायती दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
डॉ. धीमान ने बताया कि यदि किसी उपभोक्ता को मक्की के आटे की अधिक मात्रा की आवश्यकता हो, तो वे उप कृषि निदेशक कार्यालय से सीधे संपर्क कर सकते हैं। यह पहल न केवल किसानों को स्थायी आय सुनिश्चित करेगी, बल्कि उपभोक्ताओं को भी शुद्ध और स्वास्थ्यवर्धक उत्पाद सुलभ कराएगी।
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